पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नौरीन नियाजी ने पिछले वर्ष भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर एक बड़ा दावा किया है। नौरीन नियाजी ने एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव के दौरान भारत ने जानबूझकर पाकिस्तान के अंदर बड़े स्तर पर तबाही नहीं मचाई थी। उन्होंने कहा कि भारत के पास पूरी क्षमता थी कि वह कड़ा जवाब दे सकता था, लेकिन कुछ आपसी समझ के चलते उसने ऐसा नहीं किया। नौरीन नियाजी का यह बयान पाकिस्तान के भीतर उस समय मची अफरातफरी और सैन्य नेतृत्व की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है।

अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को अपना निशाना बनाया था। यह सैन्य टकराव चार दिनों तक चला था, जिसमें दोनों देशों की ओर से लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। इस दौरान भारतीय वायुसेना ने अपनी हवाई श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए पाकिस्तान के भीतर 11 एयर बेस पर सटीक हमले किए थे।

नौरीन नियाजी ने अपने दावे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पाकिस्तान पर यह संकट मंडरा रहा था, तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यक्तिगत रूप से दखल दिया था। नौरीन का दावा है कि यदि अंतिम समय पर ट्रंप का हस्तक्षेप नहीं हुआ होता, तो पाकिस्तान की प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंच सकता था और देश को व्यापक तबाही का सामना करना पड़ता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान और इजरायल के बीच संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों के दौरान अमेरिका की भूमिका काफी निर्णायक रही थी।

नौरीन नियाजी ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व, विशेषकर तत्कालीन आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर की भूमिका को भी घेरे में लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के साथ हुए इस टकराव को जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व की छवि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से रचा गया था। उल्लेखनीय है कि उस दौरान मुनीर पाकिस्तान के आर्मी चीफ थे, जिन्हें बाद में फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का नया पद सौंपा गया, जिससे वे तीनों सेनाओं के प्रमुख बन गए। पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य गलियारों में इस पूरे ऑपरेशन सिंदूर और उससे जुड़ी घटनाओं को लेकर निरंतर चर्चा बनी हुई है। भारत ने हालांकि इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन घटनाओं ने सुरक्षा और कूटनीति के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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