ओमान तट पर मर्चेंट शिप पर हमला: भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर दर्ज कराया कड़ा विरोध, 3 भारतीय नाविक अब भी लापता
ओमान के पास व्यापारिक जहाज सेट्टेबेलो पर हुए हमले में 3 भारतीय नाविक लापता, विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स को तलब कर दर्ज कराया कड़ा विरोध।

ओमान के तट के पास हमले का शिकार हुए व्यापारिक जहाज सेट्टेबेलो से निकलता धुआं, जहां कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे|
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ओमान के तट के समीप एक व्यापारिक जहाज पर हुए घातक हमले ने वैश्विक राजनयिक गलियारों के साथ-साथ भारत सरकार को भी हिलाकर रख दिया है। इस मर्चेंट शिप पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सामरिक और कूटनीतिक मोर्चे पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास के शीर्ष अधिकारी को तलब कर इस घटना पर अपनी तीव्र नाराजगी और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह घटना केवल एक जहाज पर हमला नहीं है, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित नौवहन की रीढ़ को झकझोर कर रख दिया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह हमला ओमान के तट के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर 'सेट्टेबेलो' नामक एक कमर्शियल मर्चेंट शिप पर हुआ। घटना के वक्त इस व्यापारिक जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे, जो वैश्विक व्यापार शृंखला के तहत अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। हमले की खबर मिलते ही समुद्र में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बलों तथा राहत एजेंसियों द्वारा एक व्यापक खोजी और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, इस हादसे में 3 भारतीय नाविक अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए समंदर में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। लापता भारतीयों की स्थिति को लेकर उनके परिवारों और सरकार की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
इस हिंसक हमले के बाद भारत सरकार ने बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर बेहद गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी दूतावास के चार्ज डी अफेयर्स (CdA) जेसन मीक्स को तत्काल प्रभाव से समन जारी कर तलब किया। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका प्रभाग) नागराज नायडू ने अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स के साथ मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान भारत ने इस हमले को लेकर अपनी औपचारिक और कड़ा विरोध पत्र (डिमार्च) सौंपा। भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी अधिकारी के सामने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं और ये वैश्विक सुरक्षा ताने-बाने को सीधे तौर पर चुनौती देते हैं।
राजनयिक बातचीत के दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार से जुड़ी शिपिंग लाइन्स की सेफ्टी को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं से अमेरिका को अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। इस प्रकार की हिंसक घटनाएं न केवल मानव जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि इससे पूरी दुनिया का समुद्री व्यापार भी ठप होने की कगार पर पहुंच सकता है। भारत ने अमेरिकी राजनयिक के सामने सुरक्षित नौवहन (Safe Navigation) को तत्काल सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
इस बड़े घटनाक्रम के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी एक सुर में सुरक्षा पुख्ता करने की अपील की है। सरकार ने वैश्विक मंच पर यह बात दोहराई है कि समुद्री व्यापारिक मार्गों को सुरक्षित रखना किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी जिम्मेदार राष्ट्रों को एकजुट होकर काम करना होगा। ओमान के तट पर हुआ यह हमला वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है। भारत अब इस पूरे मामले में लापता 3 नाविकों की सुरक्षित वापसी और समुद्री डकैती या आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ सख्त अंतरराष्ट्रीय नीतियों को लागू करवाने के लिए वैश्विक दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
