हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने ग्राहकों को ओटीपी और डीएसी साझा करने के नाम पर होने वाली डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति सर्तक किया है।

LPG Delivery Scam warning India : देश के करोड़ों घरों की रसोई का आधार माने जाने वाले एलपीजी (LPG) सिलेंडर अब साइबर अपराधियों के नए हथियार बन गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में देशव्यापी स्तर पर बढ़ते 'LPG डिलीवरी स्कैम' ने सरकारी तेल कंपनियों और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। ठगों ने अब सीधे ग्राहकों के मोबाइल फोन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जहां एक मामूली सा दिखने वाला ओटीपी (OTP) या डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आपके पूरे बैंक खाते को खाली करने का जरिया बन रहा है। इस बढ़ते संकट को देखते हुए देश की तीन प्रमुख तेल कंपनियों—हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), इंडियन ऑयल (IOC) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने संयुक्त रूप से एक गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें ग्राहकों को 'डिजिटल जालसाजों' की नई कार्यप्रणाली से सतर्क रहने को कहा गया है।

इस धोखाधड़ी की पटकथा बेहद शातिर तरीके से लिखी जाती है, जहां अपराधी खुद को गैस एजेंसी का अधिकारी या डिलीवरी एजेंट बताकर ग्राहकों को फोन कॉल या व्हाट्सएप मैसेज करते हैं। अक्सर ग्राहकों को डराने के लिए यह दावा किया जाता है कि उनका गैस कनेक्शन केवाईसी (KYC) अपडेट न होने के कारण तुरंत बंद होने वाला है। घबराहट में जैसे ही ग्राहक मदद की गुहार लगाता है, जालसाज उसे आधार लिंक करने या कनेक्शन बचाने के बहाने एक ओटीपी साझा करने को कहते हैं। वास्तविकता में, यह ओटीपी सिलेंडर डिलीवरी के लिए नहीं, बल्कि ग्राहक के डिजिटल वॉलेट या बैंकिंग ट्रांजैक्शन को अनधिकृत रूप से एक्सेस करने के लिए होता है। कई मामलों में तो फर्जी एसएमएस बिल्कुल आधिकारिक संदेशों की नकल होते हैं, जिससे आम आदमी के लिए असली और नकली के बीच का अंतर पहचानना नामुमकिन हो जाता है।

कंपनियों ने इस भ्रम को दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एचपीसीएल ने साफ किया है कि उनके आधिकारिक संदेश केवल 'VM-HPGASC-S' हेडर के साथ आते हैं और उनका प्रतिनिधि कभी भी कॉल पर ओटीपी नहीं मांगता। वहीं, इंडियन ऑयल और बीपीसीएल ने भी जोर देकर कहा है कि 6 अंकों का डीएसी (DAC) केवल उस समय साझा किया जाना चाहिए जब डिलीवरी कर्मी आपके दरवाजे पर सिलेंडर लेकर भौतिक रूप से मौजूद हो। कानूनी रूप से, किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया में फोन पर संवेदनशील कोड मांगना प्रतिबंधित है, और कंपनियां केवल 'IndianOil ONE', 'HP Pay' और 'Hello BPCL' जैसे अधिकृत ऐप्स के माध्यम से ही लेनदेन और अपडेट की सलाह देती हैं। यदि कोई ग्राहक इस धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।

एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की इस पूरी प्रक्रिया में बरती गई एक छोटी सी लापरवाही आर्थिक तबाही का कारण बन सकती है। यह केवल एक वित्तीय फ्रॉड नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के भरोसे और उनकी सुरक्षा पर एक बड़ा प्रहार है। सरकार और तेल कंपनियों का यह 'रेड अलर्ट' स्पष्ट संदेश देता है कि डिजिटल युग में 'सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा' है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि साइबर सुरक्षा एजेंसियां इन संगठित गिरोहों पर नकेल कसने में कितनी सफल होती हैं, लेकिन फिलहाल गेंद ग्राहकों के पाले में है—एक गलत ओटीपी आपके रसोई के बजट से कहीं ज्यादा बड़ा नुकसान कर सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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