नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' का नौवां संस्करण न केवल छात्रों के तनाव को कम करने का मंच बना, बल्कि यह एक ऐसी भावना का गवाह भी बना जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया। इस कार्यक्रम के दौरान पूर्वोत्तर की एक दिव्यांग छात्रा द्वारा गाए गए एक प्रेरणादायक गीत ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। छात्रा की सुरीली आवाज और आत्मविश्वास के सामने शारीरिक बाधाएं बौनी नजर आईं, जिसे देखकर प्रधानमंत्री खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए।

देशभर से जुड़े करोड़ों छात्र: एक मंच, एक उद्देश्य

परीक्षा के तनाव को दूर करने और छात्रों में नया जोश भरने के उद्देश्य से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, देव मोगरा और गुवाहाटी जैसे विभिन्न शहरों के छात्रों के साथ लाइव संवाद किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • ऐतिहासिक भागीदारी: इस वर्ष 6.76 करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।
  • प्रमुख उपस्थिति: प्रधानमंत्री मोदी पारंपरिक मरून शॉल और असमिया 'गमोसा' पहने हुए एक आत्मीय अंदाज में नजर आए।

वह पल जब थम गई सबकी सांसें

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब असमिया पारंपरिक वेशभूषा में सजी पूर्वोत्तर की एक दिव्यांग छात्रा ने मंच संभाला। उसने दृढ़ता और कभी न हार मानने के जज्बे पर आधारित एक प्रेरक गीत की प्रस्तुति दी। छात्रा की गायकी में छिपी गहराई और उसके शब्दों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल उस गीत को मंत्रमुग्ध होकर सुना, बल्कि छात्रा के उत्साहवर्धन के लिए पूरे समय उत्साहपूर्वक तालियां बजाईं। यह दृश्य समावेशिता (Inclusion) और हौसले का एक जीवंत उदाहरण बन गया।

सोशल मीडिया पर वायरल: प्रेरणा का नया चेहरा

छात्रा के गायन का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। नेटिज़न्स इसे 'सच्ची प्रेरणा' और 'अदम्य साहस' का प्रतीक बता रहे हैं। बोर्ड परीक्षाओं के नजदीक होने के कारण, यह गीत उन लाखों छात्रों के लिए एक मरहम की तरह काम कर रहा है जो दबाव महसूस कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के पल यह संदेश देते हैं कि आत्मविश्वास किसी भी सीमा को पार कर सकता है। यह आयोजन केवल परीक्षा की तैयारी के बारे में नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का मुस्कुराकर सामना करने के बारे में था।

आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत

'परीक्षा पे चर्चा' का यह सत्र केवल संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समावेशी भारत की एक नई तस्वीर पेश कर गया। पूर्वोत्तर की उस बेटी ने साबित कर दिया कि यदि मन में कुछ कर गुजरने की ठान ली जाए, तो कोई भी बाधा आपको रोक नहीं सकती। बोर्ड परीक्षा की दहलीज पर खड़े छात्रों के लिए यह गीत अब एक नया मंत्र बन चुका है—"खुद पर भरोसा रखें, जीत आपकी होगी।"

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