60 मिस्ड कॉल, 80 मैसेज और खौफनाक अंत: पत्नी से विवाद के बाद आईटी इंजीनियर ने सुपरनोवा बिल्डिंग से कूदकर दी जान|
नोएडा की सुपरनोवा बिल्डिंग से कूदकर जान देने वाले आईटी प्रोफेशनल संभव जैन ने आत्महत्या से पहले अपने पिता को कई कॉल्स और संदेश भेजे थे।

नोएडा की सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन के आत्महत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन के गिरकर मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। 30 साल के संभव जैन का अपनी पत्नी से तलाक का केस चल रहा था और वह डिप्रेशन में थे। शनिवार को गिरने से पहले इंजीनियर ने अपने पिता की करीब 60 कॉल पिक नहीं की थीं। इसके बाद उसने पिता को 80 से ज्यादा मैसेज किए। इन संदेशों में उसने कर्ज, बीमारी और जिंदगी में चल रही परेशानियों पर आपबीती बताई, जिसके बाद उसने करीब दो मिनट 40 सेकंड से अधिक का वीडियो बनाया।
अपने आखिरी पल में संभव ने पिता को मैसेज भेजा कि अब कोई रुपये मांगे तो बोल देना कि वह मर गया है और उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि गुड़गांव के मानेसर निवासी संभव जैन की आत्महत्या के मामले में रविवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज आया है। ऊंचाई से गिरकर टकराने के कारण शरीर कई हिस्सों में बंट गया था और मल्टीपल इंजरी भी आई थीं। घरवालों ने शनिवार देर शाम सेक्टर-94 में उनका दाह संस्कार कर दिया।
पत्नी से चल रहा था तलाक का केस
संभव जैन गुरुग्राम के डीएलएफ साइबर हब की एक आईटी कंपनी में काम करते थे। पिता और पुत्र दोनों आईटी सेक्टर में कार्यरत थे। संभव का अपनी पत्नी से करीब आठ महीने से विवाद चल रहा था और पत्नी पांच महीने पहले मायके चली गई थी। दोनों के बीच तलाक का मामला अदालत में चल रहा था।
'छोड़ दो नहीं तो तुमको भी लेकर कूद जाऊंगा'
30 साल के संभव जैन ने शुक्रवार को ही सुपरनोवा के एक एयरबीएनबी में चेक-इन किया था और शनिवार को उन्हें चेक-आउट करना था। बगल वाले कमरे में एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कुछ लोगों ने जब संभव को बचाने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा कि "छोड़ दो नहीं तो तुमको भी साथ में लेकर कूद जाऊंगा"। लोगों ने संभव को बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। संभव ने कहा कि वह बहुत डिप्रेशन में हैं और जीना नहीं चाहते हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
