ऑपरेशन सिंदूर पर साइबर हमला: NIA की पांच राज्यों में ताबड़तोड़ रेड, कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त|
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकारी वेबसाइटों पर हुए साइबर हमलों की जांच के सिलसिले में एनआईए ने पांच राज्यों में पांच ठिकानों पर छापेमारी की।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी कार्यालय के बाहर खड़े सुरक्षाकर्मी साइबर हमलों की जांच के संदर्भ में।
भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सरकारी वेबसाइटों पर किए गए साइबर हमलों की जांच के सिलसिले में एक बड़ा एक्शन लिया है। जांच एजेंसी ने देश के पांच अलग-अलग राज्यों में ताबड़तोड़ रेड करते हुए पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कई अहम सुराग और डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं, जिससे इस साइबर साजिश की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, एनआईए द्वारा यह छापे मारे गए स्थान महाराष्ट्र के पुणे स्थित जुन्नर, गुजरात के खेड़ा स्थित नडियाद, तेलंगाना के करीमनगर स्थित रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली शामिल हैं। यह पूरा मामला 25 जून 2025 को दर्ज किया गया था, जो 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सरकारी इकाइयों की कुल 54 वेबसाइटों पर 'वितरित सेवा बाधित' (DDoS) यानी डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस हमले करने के प्रयासों से जुड़ा हुआ है। इन शातिर हमलों के जरिए देश के महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधनों और क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर (CII) को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था।
जांच एजेंसी का मानना है कि इन साइबर हमलों का मुख्य उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को गंभीर नुकसान पहुंचाना तथा आम जनता के बीच भय का माहौल पैदा करना था। गौरतलब है कि पिछले साल सात मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकवादी हमले के कड़े जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक लक्षित हमले किए थे। इससे पहले 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) संगठन के तीन आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ा संचालक की निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और यह मामला मूल रूप से गुजरात पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था।
आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने अपनी तकनीकी जांच और विश्लेषण के आधार पर उन संदिग्धों की पहचान की थी, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को इन घातक डीडीओएस हमलों की योजना बनाने और उन्हें सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए जरूरी तकनीकी कौशल व सहयोग प्रदान किया था। सक्षम अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद एनआईए की टीमों ने सोमवार की सुबह इन संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान हैकिंग गतिविधियों से जुड़ी संदिग्ध सामग्री, विभिन्न दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एनआईए ने मौके से तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव समेत कई अन्य डिजिटल गैजेट्स जब्त किए हैं। फिलहाल, एजेंसी इन संदिग्धों के गिरफ्तार किए जा चुके मुख्य आरोपियों के साथ संबंधों और उनके संपर्कों की गहनता से पूछताछ कर रही है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय साइबर साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
