देशभर में नई श्रम संहिताओं के लागू होने के साथ सरकार ने श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की गारंटी सुनिश्चित करने का दावा किया है। पीएम मोदी और श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा श्रम सुधार बताया, जो सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी और सुरक्षित कार्यस्थल को मजबूत आधार देता है।

Ministry of Labour and Employment : देश के श्रम ढांचे में दशकों बाद सबसे बड़ा बदलाव शुक्रवार को उस समय दर्ज हुआ, जब केंद्र सरकार ने चार नई श्रम संहिताओं को देशभर में लागू कर दिया। इन संहिताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “आज़ादी के बाद का सबसे व्यापक और प्रगतिशील श्रम सुधार” बताया गया है। सरकार का दावा है कि यह कदम न केवल भारत के श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक विकास के लिए एक स्थिर और सक्षम वातावरण भी तैयार करेगा।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने ऐतिहासिक दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि नई संहिताएं प्रधानमंत्री मोदी की उस गारंटी का प्रमाण हैं, जिसमें प्रत्येक श्रमिक के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल नीतिगत संशोधन नहीं, बल्कि देश के करीब 40 करोड़ श्रमिकों के जीवन में स्थायी सुधार लाने का दूरदर्शी निर्णय है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन संहिताओं को लागू किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘श्रमेव जयते’ की भावना के साथ नई संहिताएं देश के कर्मचारियों को सशक्त बनाने, उनके अधिकार सुनिश्चित करने और ‘कारोबार में आसानी’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि न्यूनतम और समय पर मजदूरी भुगतान, सुरक्षित कार्य परिवेश और सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा के लिए यह संहिताएं एक मजबूत ढांचा प्रदान करेंगी।

सरकार के अनुसार, नई श्रम संहिताएं नियुक्ति पत्र की अनिवार्यता, महिलाओं को समान वेतन, फिक्स-टर्म कर्मचारियों को एक वर्ष बाद ग्रेच्युटी, ओवरटाइम पर दुगना वेतन और जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को पूरी स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी देती हैं। इसके साथ ही 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रमिकों के लिए वार्षिक मुफ्त स्वास्थ्य जांच को भी अनिवार्य किया गया है, जिसे सामाजिक सुरक्षा दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

श्रम मंत्रालय ने इन संहिताओं को 29 पुराने कानूनों को एक पारदर्शी, सरल और आधुनिक ढांचे में समाहित करने वाला ‘महत्वपूर्ण सुधार’ बताया है। मंत्रालय के अनुसार, यह परिवर्तन श्रमिकों को सुरक्षित करेगा, उद्योगों को स्थिरता देगा और भारत को विकसित राष्ट्र की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

नई श्रम संहिताओं के लागू होने के साथ देश एक नए श्रम युग में प्रवेश कर चुका है, जहां सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और अधिकार हर श्रमिक के लिए सुनिश्चित किए जाने का दावा किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह सुधार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने में निर्णायक साबित होंगे।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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