गिरफ़्तारी के बाद सोनम वांगचुक पर लगे नए आरोप ...
सोनम वांगचुक ने पिछले कुछ दिनों में बहुत सुर्खियां बटोरी हैं। और उन पर कई संदिग्द आरोप लगाए गए हैं, जिसे वांगचुक ने गलत बताए हैं। उन्हें अभी राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया है।

क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक, आमिर खान
लद्दाख: फेमस मूवी '3 इडियट्स' कि प्रेरणा, लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक थे। जो एक जाने माने इंजीनियर, पर्यावरण कार्यकर्ता और समाज सेवक हैं। मूवी में 'फुन्सुक वांगडू' के किरदार के पीछे इनसे प्रेरणा ली गई थी। पर असल ज़िन्दगी में 27 सितम्बर को, इन पर पाकिस्तानी एजेंट (PIO) के साथ संपर्क रखने और लद्दाख प्रदर्शन कि हर जानकारी पाकिस्तान भेजने का इल्ज़ाम लगाया गया है।
27 सितम्बर को लद्दाख के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) एस.डी. सिंह जम्वाल ने अपने बयान में कहा कि, क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक जो इतने दिनों से भूक हड़ताल पर थे, उनके पाकिस्तानी एजेंट्स (PIO) के साथ संपर्क हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन कि सारी खबरें और वीडियोस पाकिस्तानी एजेंट को भेजे जा रहे थे।
और ये सारी गतिविधियां पाकिस्तान तक समय पर पहुँच रही थी। इसका दावा करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पास सबुत हैं। उन्होंने ये भी बताया के वांगचुक पाकिस्तान और बांग्लादेश के मीडिया इवेंट्स में भी गए थे। वांगचुक का पाकिस्तानी एजेंट्स से सीधा ताल्लुक होना, देश की सुरक्षा के लिए चिंताजनक है। इसकी जाँच पुलिस और गृह मंत्रालय द्वारा कि जा रही है।
जम्वाल ने उन्हें भड़काऊ आंदोलन में हुए लोगों की मौत और बहुत से प्रदर्शनकारियों के घायल होने का मुख्य कारण बताया। और कहा की इस पाकिस्तानी एजेंट (PIO) को बहुत समय पहले अरेस्ट भी किया था। सोनम वांगचुक ने लद्दाख में राज्य का दर्जा और संविधान कि छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की मांग की थी। जिसके चलते वो भूख हड़ताल पर बैठे थे। और इसी दौरान हुए विरोध दंगे में कई नुक़सान हुए।
लद्दाख में हो रहे हिंसक प्रदर्शन में 4 लोगों की मौत हुई थी और 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। वांगचुक पर ये आरोप लगाया गया था कि वो भीड़ को भड़का रहे है। उनको एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया था और राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में उन्हें भेजा गया है। वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद सरकार ने उनके एनजीओ 'स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख' (SECMOL) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया।
वांगचुक ने लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि 25 सितम्बर 2025 को मेरे दिए गए बयान, "मैं भूख से या आवश्यकता पड़ी तो आत्मदाह से मरूंगा।", इसका मकसद लोगों कि जान लेना था। उन्होंने ने ये भी बताया कि हिंसा से पहले अपना व्रत उन्होंने इसलिए तोड़ा था क्योंकि वो बीमार लोगों के लिए चिंतित थे। और इसकी तुलना अरब स्प्रिंग से कि जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
