NEET पेपर लीक मामले पर भारी घमासान; राहुल गांधी ने की शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर साधा निशाना, सीबीआई कर रही मामले की जांच।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के प्रशासनिक सुधारों पर बोलते लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी।
NEET UG Paper Leak Scandal : देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को लेकर उपजा विवाद अब एक बड़े राष्ट्रव्यापी राजनीतिक और प्रशासनिक संकट में बदल चुका है। परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। दो साल के भीतर लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सामने आए इस बड़े घोटाले ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
गेस पेपर से लीक हुए सवाल, सीबीआई जांच शुरू :
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब 3 मई, 2026 को आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें सामने आईं। जांच में पाया गया कि परीक्षा से पहले ही बाजार में प्रसारित किया गया एक 'गेस पेपर' (अनुमानित प्रश्नपत्र) वास्तविक परीक्षा के कई सवालों से हूबहू मैच कर रहा था। इसमें सबसे चौंकाने वाला खुलासा रसायन विज्ञान (Chemistry) विषय को लेकर हुआ, जहां गेस पेपर के करीब 120 सवाल मुख्य प्रश्नपत्र से पूरी तरह मिल रहे थे। इस गंभीर सुरक्षा चूक को देखते हुए सरकार ने 12 मई, 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। सीबीआई और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के बाद इस रैकेट से जुड़े कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें पुणे के एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी भी शामिल हैं, जिन पर प्रश्नपत्र लीक करने के इस नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन, एनटीए को भंग करने की मांग :
पेपर लीक की इस घटना ने देश भर के छात्रों और अभिभावकों के गुस्से को भड़का दिया है। कांग्रेस पार्टी के विभिन्न छात्र और युवा संगठनों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- एनटीए का विघटन: परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए।
- छात्रों को मुआवजा: परीक्षा रद्द होने के कारण मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलने वाले सभी पीड़ित छात्रों को उचित वित्तीय मुआवजा दिया जाए।
- दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: इस लीक कांड के पीछे शामिल सभी बड़े चेहरों को बेनकाब कर जेल भेजा जाए।
राहुल गांधी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह प्रणालीगत विफलता (Systemic Failure) है, जो बार-बार देश के होनहार युवाओं के सपनों को कुचल रही है। उन्होंने साफ किया कि शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी के बिना छात्रों को न्याय मिलना असंभव है।
NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है। पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे।धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाइए, या जवाबदेही ख़ुद लीजिए।Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW. pic.twitter.com/6FRMMa8AI8— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 16, 2026
सरकार ने मानी चूक, दोबारा परीक्षा और बड़े सुधारों का वादा :
विपक्ष और छात्रों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार प्रशासनिक और कमांड स्तर पर बड़ी सुरक्षा चूक होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने प्रभावित छात्रों के आक्रोश को शांत करने के लिए घोषणा की है कि रद्द की जा चुकी इस परीक्षा का दोबारा आयोजन 21 जून, 2026 को पूरी तरह से नि:शुल्क (Free Re-exam) किया जाएगा, ताकि छात्रों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।
धर्मेंद्र प्रधान जी ने 22 लाख NEET बच्चों के साथ धोखा किया है। साथ ही, संसद का भी अपमान किया है - संसदीय समिति की रिपोर्ट को सिर्फ़ इसलिए ख़ारिज कर दिया क्योंकि उसमें विपक्ष के सांसद हैं।जो संसद पर ही भरोसा नहीं करते, वो NEET सुधार पर क्या भरोसा करेंगे?प्रधान जी को अभी हटाइए। https://t.co/dLBTiuRPp7— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 16, 2026
इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी तकनीकी और प्रशासनिक कमियों को रोकने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने बड़े बदलावों का खाका तैयार किया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को पूरी तरह से 'कंप्यूटर आधारित टेस्ट' (Computer-Based Testing) के प्रारूप में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, जिससे भौतिक रूप से प्रश्नपत्रों के लीक होने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
