NEET स्कैम का 'चूरू कनेक्शन'; जानें एक 'गेस पेपर' ने कैसे रद्द की देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा
मेडिकल प्रवेश परीक्षा के सवालों वाला हस्तलिखित दस्तावेज राजस्थान के चूरू से लीक हुआ था, जिसकी वजह से 23 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द करनी पड़ी। पढ़ें पूरी पड़ताल।

नीट परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ हस्तलिखित गेस पेपर, जिसके 120 सवाल असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मिलने के बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर दी।
NEET-UG 2026 paper leak : भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशालतम मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET-UG 2026, आज अपने इतिहास के सबसे काले दौर से गुजर रही है। 3 मई को देश-विदेश के 565 शहरों में 22.79 लाख छात्रों ने जिस उम्मीद के साथ अपनी मेधा का प्रदर्शन किया था, वह अब एक कथित 'गेस पेपर' की भेंट चढ़ चुकी है। राजस्थान के चूरू जिले से निकले एक हस्तलिखित दस्तावेज ने न केवल परीक्षा की शुचिता को भंग किया, बल्कि समूची राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियों की सक्रियता और पुख्ता सबूतों के आधार पर सरकार ने अंततः इस महापरीक्षा को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसके पीछे 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' के जरिए फैला वह मायाजाल है जिसने परीक्षा से पहले ही सवालों की बोली लगा दी थी।
इस पूरे घोटाले के केंद्र में वह रहस्यमयी 'गेस पेपर' है, जो राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की तफ्तीश में एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। करीब 410 सवालों के इस हाथ से लिखे पुलिंदे ने उस समय सनसनी मचा दी, जब विशेषज्ञों ने पाया कि असली नीट पेपर के 120 सवाल हूबहू इसी दस्तावेज से आए थे। SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, यह कोई सामान्य अनुमान नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी क्योंकि यह सामग्री परीक्षा से करीब 15 से 30 दिन पहले ही चुनिंदा WhatsApp ग्रुप्स और कोचिंग नेटवर्क्स में घूमने लगी थी। विशेष रूप से बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सेक्शन में मिली 'चौंकाने वाली समानता' ने यह साफ कर दिया कि परीक्षा के कुल 720 अंकों में से करीब 600 अंक सीधे तौर पर इस लीक से प्रभावित हो रहे थे।
जांच की परतें जैसे-जैसे खुलीं, इस सिंडिकेट का विस्तार केरल से लेकर राजस्थान के सीकर तक पाया गया। इस पूरे जाल का कथित सूत्रधार चूरू का रहने वाला एक एमबीबीएस छात्र बताया जा रहा है, जो वर्तमान में केरल के एक मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत है। आरोप है कि उसने 1 मई को यह दस्तावेज सीकर के एक परिचित को भेजा, जिसने इसे पीजी संचालकों और कोचिंग सेंटरों के माध्यम से आग की तरह फैला दिया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने से 42 घंटे पहले ही यह नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय हो चुका था। हैरानी की बात यह है कि जो पेपर शुरुआत में 5 लाख रुपये में बेचा जा रहा था, परीक्षा के ठीक एक दिन पहले उसकी कीमत गिरकर महज 30 हजार रुपये तक पहुंच गई थी, जिससे इसकी व्यापक पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
720 में से 600 सवाल दो दिन पहले ही छात्रों तक पहुँच गए
— 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀𝐍 𝐍𝐀𝐕𝐄𝐄𝐍 (@INDIAN___NAVEEN) May 11, 2026
NEET 2026 की परीक्षा से पहले राजस्थान पुलिस की SOG जांच में ये चौंकाने वाला खुलासा हुआ है
सीकर में एक handwritten "गेस पेपर" मिला, जिसमें से 140 सवाल असली पेपर से मैच कर रहे हैं
लाखों ईमानदार छात्र रात-दिन मेहनत करते हैं… pic.twitter.com/B5DZMAP2bd
कानूनी कार्रवाई के तहत अब तक देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया जा चुका है और केंद्रीय एजेंसियां इस अंतरराज्यीय गिरोह की जड़ें खंगाल रही हैं। डिजिटल साक्ष्यों में 'forwarded many times' के टैग ने जांच को और पुख्ता कर दिया है कि पेपर का प्रसार बहुत बड़े पैमाने पर हुआ था। 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत और मेडिकल शिक्षा की गरिमा पर लगा यह दाग अब देश की न्याय प्रणाली और जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। NEET-UG जैसी परीक्षा, जो भविष्य के डॉक्टरों का चयन करती है, उसके रद्द होने का यह प्रभाव केवल एक शैक्षणिक सत्र की देरी नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों सपनों के टूटने की कहानी है जिन्होंने ईमानदारी से इस परीक्षा के लिए पसीना बहाया था।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
