नीट री-टेस्ट और प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगाई गई अस्थायी रोक के निर्णय को झा ने अपने विशिष्ट अंदाज में 'मास्टरस्ट्रोक' करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कटाक्ष किया कि जनता और विपक्ष की मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की थी, लेकिन सरकार ने बदले में टेलीग्राम का ही अस्थायी इस्तीफा ले लिया।

यह बयान उस समय आया है जब नीट और अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक की घटनाओं और परिणाम में अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों का आक्रोश चरम पर है। विपक्षी दलों का एक बड़ा वर्ग और छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लामबंद हैं। मनोज झा का यह ताजा पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने परीक्षा सुरक्षा पर चल रही राजनीतिक बहस में एक नया मोड़ ला दिया है।

सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के आधिकारिक आदेश के अनुसार, नीट यूजी री-एग्जाम को बिना किसी व्यवधान के आयोजित करने हेतु भारत में टेलीग्राम की सेवाओं को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा, जो परीक्षा के दिन और उसके तुरंत बाद की संवेदनशील अवधि को कवर करता है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों और पेपर लीक से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए लिया गया है, ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया जा सके।

नीट री-एग्जाम की पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस परीक्षा से जुड़े विवादों के कारण न केवल छात्रों का भविष्य अधर में लटका है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणाली की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। टेलीग्राम पर यह रोक इसी दिशा में एक प्रशासनिक कदम है, जिसे सरकार एक सुरक्षा कवच के रूप में देख रही है, जबकि विपक्षी दल इसे जमीनी समस्याओं से ध्यान भटकाने का एक जरिया बता रहे हैं। आने वाले दिनों में परीक्षा का आयोजन और उसके परिणाम इस राजनीतिक बहस के भविष्य को तय करेंगे।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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