मुंबई के विले पार्ले पश्चिम इलाके में मंगलवार रात एक बहुमंजिला आवासीय इमारत की ग्यारहवीं मंजिल पर भीषण आग लगने से एक नवजात शिशु समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। आग लगने की इस घटना ने एक बार फिर महानगरों की ऊंची इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था और एहतियाती उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां जरा सी लापरवाही भारी जानमाल के नुकसान का कारण बन जाती है।

मुंबई दमकल विभाग के अनुसार, उन्हें मंगलवार रात करीब दस बजे बैपटिस्टा रोड पर स्थित शांता भवन बिल्डिंग में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। शुरुआत में इस आग को स्तर-एक का माना गया था, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात दस बजकर सोलह मिनट पर इसे बढ़ाकर स्तर-दो घोषित कर दिया गया। आग इतनी तेजी से फैली कि ग्यारहवीं मंजिल पर स्थित फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल कर्मियों और अन्य बचाव दलों ने रातभर कड़ा संघर्ष किया और आखिरकार निरंतर प्रयासों के बाद रात करीब एक बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

पुलिस विभाग के अधिकारी आरवी भोसले ने इस दुखद हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्यारह मंजिला आवासीय इमारत के शीर्ष यानी ग्यारहवीं मंजिल पर स्थित दो फ्लैटों में अचानक आग भड़क उठी थी। शुरुआती जांच और अधिकारियों के आकलन के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट, एक एसी यूनिट तथा सोफा, बिस्तर और रसोई के अन्य घरेलू सामानों का तेजी से आग पकड़ना था। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया और फ्लैट के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

इस अग्निकांड की सूचना मिलते ही प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग की करीब दस गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं और युद्धस्तर पर राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल गाड़ियों के साथ-साथ मुंबई पुलिस, एक सौ आठ एम्बुलेंस सेवा और संबंधित वार्ड के कर्मचारियों को भी तत्काल मौके पर तैनात किया गया ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सीय सहायता पहुंचाई जा सके। इस राहत अभियान के दौरान आग बुझाने की जद्दोजहद में एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया, जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे में कुल आठ लोग घायल हुए थे, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। कूपर अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दमकलकर्मी मनोज सोनावणे और एक अन्य घायल शिवम द्विवेदी का इलाज किया गया, जिनकी हालत में सुधार होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, नानावती अस्पताल में लाए गए छह घायलों में से दो लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि चार अन्य घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अईर (ढाई वर्ष) और अंकिता (तेईस वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि घायलों में पार्थ (बत्तीस वर्ष), हिरेन (चौसठ वर्ष), यशस्वी और अभिषेक शामिल हैं। इस बीच, कुछ दिन पहले मुंबई के बायकुला पुलिस स्टेशन की पहली मंजिल पर भी आग लगने की घटना सामने आई थी, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया था। विले पार्ले की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन करना और उनकी नियमित जांच करना कितना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में इस तरह की अमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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