मुंबई के निचले इलाकों में जलजमाव से यातायात और ट्रेन सेवाएं बाधित, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी।

मुंबई में मानसून की सक्रियता के साथ ही जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। लगातार तीसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने मायानगरी की रफ्तार पर पूर्ण विराम लगा दिया है। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में 90 मिमी से 99 मिमी के बीच दर्ज की गई इस भारी वर्षा के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। सड़कों पर जलभराव इतना अधिक है कि वाहन पानी में तैरते हुए नजर आए और भारी-भरकम ट्रक भी इस जल संकट के आगे लाचार दिखाई दिए।

मानसून की पहली तेज बारिश ने जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत प्रदान की, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अंधेरी सबवे, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, घाटकोपर, भांडुप और मुलुंड जैसे क्षेत्रों में जल भराव के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अंधेरी सबवे में जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन को यातायात का मार्ग परिवर्तित करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।

परिवहन व्यवस्था पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव के कारण उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं भी बाधित हुईं। यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए संघर्ष करते दिखे और लोकल ट्रेनें 10 से 15 मिनट की देरी से चलती रहीं। हालांकि, शाम तक स्थिति को सामान्य करने के प्रयास किए गए। हवाई यातायात पर भी मौसम का असर दिखा, जिसके चलते मुंबई आने वाली तीन उड़ानों को मार्ग बदलना पड़ा, लेकिन बाद में सभी विमान सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रहे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए मुंबई और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पड़ोसी जिलों पालघर और रायगढ़ के लिए भी भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' घोषित किया गया है। स्थानीय प्रशासन और मेयर रितु तावड़े ने नागरिकों से अपील की है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें और केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकलें।

बारिश के इस दौर में बीएमसी को पेड़ और टहनियां गिरने की 45 शिकायतें, शॉर्ट सर्किट की 7 और मकान का हिस्सा गिरने की 3 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन घटनाओं में हालांकि बुधवार को कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे पूर्व चेंबूर में हुई एक दुखद घटना में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक 11 वर्षीय छात्र की मृत्यु हो गई थी, जिससे शहर में शोक का माहौल है। प्रशासन वर्तमान में अलर्ट मोड पर है और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून की इस चुनौती का सामना करने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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