मुंबई महानगर क्षेत्र में यात्रा करने वाले आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों को आज से एक बड़ा आर्थिक झटका लगा है, क्योंकि क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों के किराए में बढ़ोतरी कर दी गई है. नई और संशोधित दरें आज यानी एक सितंबर से आधिकारिक तौर पर लागू हो चुकी हैं, जिसके बाद से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है. इससे पहले लगभग 18 महीने पहले यानी एक फरवरी 2025 को इन वाहनों के किराए में संशोधन किया गया था, और अब एक बार फिर इतने लंबे अंतराल के बाद किराए में यह इजाफा देखने को मिला है।

आधिकारिक घोषणा के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र में तिपहिया यानी ऑटो-रिक्शा का न्यूनतम किराया (बेस फेयर, जो शुरुआती 1.5 किलोमीटर की यात्रा के लिए लागू होता है) एक रुपये की बढ़ोतरी के साथ 26 रुपये से बढ़कर अब 27 रुपये हो गया है। इसी प्रकार, शहर की पहचान बन चुकी काली-पीली टैक्सियों का न्यूनतम किराया दो रुपये बढ़ा दिया गया है, जिससे यह अब 31 रुपये से बढ़कर 33 रुपये पर पहुंच गया है। ऑटो और टैक्सी के साथ-साथ शेयरिंग ऑटो के बेस फेयर में भी एक रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे कम दूरी तय करने वाले यात्रियों को भी बढ़ी हुई कीमतें चुकानी होंगी।

केवल शुरुआती या न्यूनतम किराया ही नहीं, बल्कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय होने वाली यात्रा भी महंगी हो गई है। खटुआ समिति के निर्धारित फार्मूले के आधार पर टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया मौजूदा 20.66 रुपये से बढ़ाकर अब 21.90 रुपये कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, ऑटो-रिक्शा का प्रति किलोमीटर किराया 17.14 रुपये से बढ़ाकर 18.22 रुपये तय किया गया है। सरकार और संबंधित प्राधिकरण का पक्ष है कि फरवरी 2025 में हुए पिछले किराया संशोधन के बाद से सीएनजी की कीमतों में लगभग 8 रुपये यानी 10.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त वाहनों के रखरखाव की लागत, गाड़ियों के लोन पर लगने वाले ब्याज और सरकारी राजस्व में आए बदलावों को भी इन नए किराए को तय करते समय पूरी तरह ध्यान में रखा गया है।

किराए में इस बदलाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़े निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी ऑटो-रिक्शा और टैक्सियों के इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को नए किराए के अनुसार रिकैलिब्रेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए चालकों और वाहन मालिकों को 30 नवंबर तक की स्पष्ट समय-सीमा दी गई है। इस तय अवधि के भीतर मीटर अपडेट न करवाने वाले चालकों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा सकती है। इस बीच, मुंबई महानगर क्षेत्र परिवहन प्राधिकरण (एमएमआरटीए) ने सभी ड्राइवरों को निर्देश दिया है कि जब तक उनके मीटर पूरी तरह रीकैलिब्रेट नहीं हो जाते, वे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से मिलने वाला आधिकारिक टैरिफ कार्ड अपने साथ अनिवार्य रूप से रखें, ताकि यात्रियों से सटीक किराया वसूला जा सके और किसी भी तरह के विवाद की स्थिति से बचा जा सके।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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