अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित जॉन एफ कैनेडी (JFK) एयरपोर्ट पर बांग्लादेश की पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉक्टर मोहम्मद यूनुस के साथ हुई बदसलूकी और बयानबाजी के मामले पर ढाका ने कड़ा एतराज जताया है। बांग्लादेश सरकार ने यूनुस के खिलाफ नारेबाजी करने और उनका रास्ता रोकने वाले लोगों को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग का समर्थक करार दिया है। इस पूरी घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और सरकार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने मंगलवार को इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यूनुस के साथ हुए इस दुर्व्यवहार को आसानी से नहीं जाने दिया जाएगा। जाहिद उर रहमान ने इसे अवामी लीग का आतंक बताते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतों को बिना जवाब दिए बिल्कुल नहीं छोड़ा जाएगा और इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

सोमवार, 12 अक्टूबर को मोहम्मद यूनुस निजी यात्रा पर अमेरिका पहुंचे थे और वे जैसे ही न्यूयॉर्क के JFK एयरपोर्ट पर उतरे, वहां मौजूद बांग्लादेशी प्रवासियों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें व्हीलचेयर पर बैठे यूनुस को कुछ लोग भला-बुरा कहते और अपना गुस्सा निकालते हुए साफ देखे जा सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने उनके लिए "आप आतंकवादी हैं", "हत्यारा" और "आप यहां क्यों आए हैं" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

सरकार की ओर से विदेशों में रह रहे विरोधी गुटों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है। सलाहकार जाहिद ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रह रहे अवामी लीग के सदस्यों को यह समझ लेना चाहिए कि यदि वे ऐसी हरकतें करने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें यूं ही नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने इस दौरान इटली में परेशान की गई अभिनेत्री और एक्टिविस्ट अजमेरिया हक बाधोन के मामले का भी जिक्र किया, जिससे यह साफ होता है कि सरकार विदेशों में अपने नागरिकों और सहयोगियों के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले स्वास्थ्य कारणों से मोहम्मद यूनुस बर्लिन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक अहम सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाए थे। उस समय यूरोप स्थित कई संगठनों और प्रवासी अवामी लीग समर्थकों के कड़े विरोध व याचिकाओं के चलते उनके कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला लिया गया था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो मोहम्मद यूनुस अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गिरने पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार बने थे। वे 17 फरवरी 2026 तक इस पद पर रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उनकी अंतरिम सरकार पर देश में दक्षिणपंथियों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं, जिसके कारण शेख हसीना के समर्थक लगातार उनका विरोध करते आ रहे हैं। एयरपोर्ट पर हुई इस ताजा घटना ने दोनों पक्षों के बीच के तनाव को एक बार फिर से सतह पर ला दिया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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