मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने फरवरी 2022 के एक अत्यंत गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी कल्लू राठौर की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है। निचली अदालत द्वारा दोषी को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी जब तक जीवित रहेगा, तब तक उसे जेल में ही रहना होगा।

फरवरी 2022 की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। आरोपी ने बच्ची को आइसक्रीम खिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अगवा किया था। बच्ची के काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की और बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान बच्ची का शव रेलवे क्रॉसिंग के पास बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। ट्रायल कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला शामिल थीं। मामले के सभी कानूनी और तकनीकी पहलुओं की सूक्ष्म समीक्षा करने के बाद कोर्ट ने इस निर्णय पर सहमति व्यक्त की। न्यायालय ने अपने फैसले में तर्क दिया कि हालांकि अपराध की प्रकृति अत्यंत गंभीर है, लेकिन यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) मामलों की श्रेणी में नहीं आता है। कोर्ट ने उल्लेख किया कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है और अभियोजन पक्ष ऐसे ठोस परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा, जो मृत्युदंड को अनिवार्य रूप से सही ठहराते हों।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सजा को उम्रकैद में बदला जा रहा है, लेकिन अपराधी को किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। आदेश के अनुसार, दोषी अपनी शेष संपूर्ण जीवन अवधि कारावास में ही व्यतीत करेगा। पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी को मिले दंड के प्रावधानों को न्यायालय ने बरकरार रखा है। यह फैसला न्यायपालिका के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जहाँ अपराध की गंभीरता और अपराधी के सुधार की संभावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखा जाता है। यह मामला वर्ष 2022 से ही कानूनी प्रक्रिया के अधीन था और इस अंतिम निर्णय के साथ न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है।

Lalita Rajput

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