मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित एक जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिली। इस कार्यक्रम में उस समय स्थिति दिलचस्प हो गई जब कालापीपल से भारतीय जनता पार्टी के विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मंच से ही अपनी सरकार के सामने अपनी मांग पूरी न होने पर अनूठी कसम खा ली। विधायक ने घोषणा की कि यदि उनके विधानसभा क्षेत्र की लंबित 16 सड़कें स्वीकृत नहीं की गईं, तो वे जूते-चप्पल का त्याग कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि मंजूरी मिलने के बाद भी, जब तक सड़कें पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जातीं, वे अपने विधानसभा क्षेत्र की सीमा के भीतर नंगे पैर ही चलेंगे।

विधायक के इस भावनात्मक ऐलान पर मंच पर उपस्थित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रतिक्रिया काफी सख्त रही। मुख्यमंत्री ने विधायक के इस व्यवहार पर अपनी नाराजगी जाहिर की और उन्हें सरेआम मंच से ही मर्यादित आचरण की नसीहत दी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि विधायक को जूते-चप्पल त्यागने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि जूते-चप्पल कांटों से बचने और विकास के कार्यों में गति लाने के लिए होते हैं। मुख्यमंत्री ने विधायक को शब्दों और अपनी बातों के चयन पर सावधानी बरतने की सलाह दी और तंज कसते हुए कहा कि इस तरह के प्रदर्शन का काम विपक्ष के लिए छोड़ देना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए हमेशा विधायक और क्षेत्र के साथ खड़ी है।

क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने विधायक द्वारा मांगी गई 16 सड़कों की जगह 17 सड़कों के निर्माण को तत्काल मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक कमी नहीं आने दी जाएगी। इसी मंच से मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में इसी महीने समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में एक देश-एक विधान की व्यवस्था होनी चाहिए और यह कदम सभी वर्गों के आत्मसम्मान के लिए उठाया जा रहा है।

किसानों के हितों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने स्थानीय किसानों को आलू उत्पादन बढ़ाने और पेप्सिको के नए प्लांट का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि बहनों के खातों में अब तक 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के माध्यम से मध्य प्रदेश के 13 और राजस्थान के 15 जिलों को मिलने वाले लाभ का भी जिक्र किया। साथ ही, शाजापुर के 118 गांवों में नर्मदा का पानी पहुंचने की जानकारी देते हुए इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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