शिपबिल्डिंग में मोदी सरकार का ₹66,000 करोड़ का दांव!
Modi government's bet of ₹66,000 crore in shipbuilding!

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने गुरुवार को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के एक लेख को साझा करते हुए बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत पूर्व-पश्चिम व्यापार मार्ग के महत्वपूर्ण बंदरगाहों के आधुनिकीकरण से देश को अनेक फायदे हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर सोनोवाल के इस पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि यह लेख पढ़ना बेहद जरूरी है, जिसमें मंत्री ने विस्तार से समझाया है कि ‘मेक इन इंडिया’ के प्रभाव से व्यस्त व्यापार मार्गों पर बंदरगाहों के आधुनिककरण, मशीनीकरण और डिजिटल तकनीकों को अपनाने से कैसे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
पीएम मोदी ने इस लेख को लेकर बताया कि इसमें केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भारत के शिपबिल्डिंग और मैरीटाइम इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार द्वारा जारी किया गया 8 बिलियन डॉलर का पैकेज केवल एक साधारण बजट प्रावधान नहीं, बल्कि एक बड़ी महत्वाकांक्षा का परिचायक है। वर्तमान समय में भारत अवसरों और संभावनाओं के एक विशेष संगम पर खड़ा है।
सर्बानंद सोनोवाल ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि उन्होंने लेख में यह समझाने की कोशिश की है कि भारत कैसे वैश्विक स्तर पर ग्रीन शिपिंग के क्षेत्र में नेतृत्व कर सकता है।
लेख में मंत्री ने यह उल्लेख किया है कि ऊर्जा क्षेत्र में पिछड़ा माना जाने वाला शिपिंग उद्योग अब एक बदलाव के महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उत्सर्जन मानकों को कड़ा किया जा रहा है, वित्तीय संसाधन अब शून्य-कार्बन वाले जहाजों और पर्यावरणीय ईंधनों की ओर जा रहे हैं, और तकनीकी प्रगति तेजी से हो रही है। ऐसे समय में भारत अपने अवसरों और क्षमता के अनूठे संगम पर स्थित है।
सोनोवाल ने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ठोस आधार तैयार किया है, जिसके कारण भारत आज दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा की लागत सबसे कम है।
मंत्री ने कहा कि हाल ही में स्वीकृत ₹69,725 करोड़ (8 बिलियन डॉलर) के पैकेज का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं है, बल्कि यह देश की महत्वाकांक्षा का स्पष्ट संकेत है। मोदी सरकार द्वारा किया गया यह निवेश दर्शाता है कि भारत शिपिंग क्षेत्र में कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाकर वैश्विक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमि
का निभाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
