मोदी के 'नवरत्नों' की तलाश: उत्तराखंड के किन दिग्गजों को मिलेगी कैबिनेट में जगह?
मोदी 3.0 कैबिनेट में उत्तराखंड से प्रतिनिधित्व बढ़ाने और फेरबदल की संभावनाओं पर मंथन जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तराखंड के संभावित कैबिनेट चेहरे फाइल में।
केंद्र में मोदी 3.0 सरकार के गठन के बाद अब कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी समय में होने वाले विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा नेतृत्व अपनी नई टीम को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में है। इस कड़ी में उत्तराखंड की राजनीतिक भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मोदी मंत्रिमंडल के आगामी विस्तार में उत्तराखंड को विशेष प्रतिनिधित्व मिल सकता है और राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
उत्तराखंड की राजनीतिक संरचना और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए पार्टी कई विकल्पों पर काम कर रही है। वर्तमान में अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय टम्टा केंद्र में परिवहन राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे दलित चेहरे के रूप में पार्टी की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके अनुभव और तीसरी बार लगातार जीत को देखते हुए उनके प्रदर्शन का आकलन किया जा रहा है। वहीं, राज्य से अन्य संभावित नामों में गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, जो पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के तौर पर भी सक्रिय हैं और नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं।
इसके अतिरिक्त, हरिद्वार संसदीय सीट से सांसद और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस दौड़ में मजबूती से शामिल हैं। अनुभवी नेता होने के नाते उन्हें सरकार और संगठन दोनों का गहरा अनुभव है, जो केंद्रीय कैबिनेट में काम आ सकता है। वहीं, नैनीताल-उधम सिंह नगर से सांसद अजय भट्ट भी एक अनुभवी चेहरे हैं, जो रक्षा और पर्यटन मंत्रालय में अपनी सेवाएं पहले ही दे चुके हैं। इसी तरह, टिहरी गढ़वाल से चार बार की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह का नाम भी चर्चा में है, जो राज्य की एकमात्र महिला सांसद हैं और राजसी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती हैं।
पार्टी नेतृत्व द्वारा कैबिनेट फेरबदल के लिए विभिन्न फॉर्मूलों पर विचार किया जा रहा है। एक संभावना यह है कि अजय टम्टा के साथ गढ़वाल से किसी नए चेहरे को शामिल किया जाए, या फिर राज्य से प्रतिनिधित्व के स्वरूप में बदलाव किया जाए। पूर्व की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय भी उत्तराखंड से एक साथ दो मंत्री केंद्र में थे, जिसे देखते हुए इस बार भी ऐसे किसी प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। आगामी कैबिनेट विस्तार न केवल राज्य की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा, बल्कि यह आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए पार्टी की एक संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
