कलमा पढ़ो और मरो! ISIS का साया या सरफिरे की करतूत? एटीएस की रडार पर मीरा रोड का 'संदिग्ध' हमलावर!
हमलावर जैब जुबैर अंसारी ने गार्डों पर किया जानलेवा हमला, एटीएस को फोन में मिली संदिग्ध सामग्री, लोन वुल्फ अटैक की आशंका।

बाएं: सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हमलावर जैब जुबैर अंसारी चाकू के साथ। दाएं: आरोपी को नयानगर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसे ले जाते हुए।
मीरा रोड में सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमला: आतंकी साजिश की आशंका में जांच में जुटी एटीएस
मुंबई: महाराष्ट्र के मीरा रोड इलाके में सोमवार तड़के हुई एक सनसनीखेज वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। एक निर्माणाधीन इमारत की सुरक्षा में तैनात दो गार्डों पर एक युवक ने अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमलावर की पहचान 31 वर्षीय जैब जुबैर अंसारी के रूप में हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हमले से पहले आरोपी ने गार्डों से धार्मिक पहचान से जुड़े सवाल किए और उन्हें 'कलमा' पढ़ने पर मजबूर किया। हमले की भयावहता और आरोपी के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए अब महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है कि कहीं इसके तार किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल या 'लोन वुल्फ' हमले की साजिश से तो नहीं जुड़े हैं।
घटना सोमवार सुबह करीब 4:00 बजे की है, जब मीरा रोड के नयानगर इलाके में वोकहार्ट अस्पताल के पास स्थित एक निर्माणाधीन साइट पर सन्नाटा पसरा था। वहां तैनात सुरक्षा गार्ड राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन अपनी ड्यूटी पर थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी जैब जुबैर अंसारी वहां पहुंचा और गार्डों के साथ बहस शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पूछताछ के हवाले से बताया गया है कि जैब ने गार्डों से उनकी धार्मिक मान्यताओं को लेकर सवाल पूछे। जब गार्डों ने विरोध किया, तो उसने अचानक चाकू निकाला और उन पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। इस हमले में राजकुमार मिश्रा की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि सुब्रतो सेन का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
नयानगर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के मात्र 90 मिनट के भीतर आरोपी को दबोच लिया। जैब जुबैर अंसारी मूल रूप से मुंबई के कुर्ला का निवासी है और लंबे समय तक अमेरिका में रहने के बाद 2019 में भारत लौटा था। पुलिस जब उसके घर की तलाशी लेने पहुंची, तो वहां से कुछ ऐसे दस्तावेज और मोबाइल डेटा बरामद हुए, जिन्होंने मामले को आपराधिक से कहीं अधिक गंभीर बना दिया। सूत्रों के मुताबिक, उसके फोन में चरमपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री और कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं जो कट्टरपंथ की ओर इशारा करते हैं।
इस मामले में 'पहलगाम' जैसा पैटर्न दिखने की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भी पर्यटकों और निहत्थे लोगों पर इसी तरह के अचानक हमले देखे गए हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि क्या जैब किसी प्रतिबंधित संगठन जैसे आईएसआईएस (ISIS) से प्रेरित था। एटीएस के वरिष्ठ अधिकारी अब जैब के पिछले कुछ सालों के संपर्क विवरण, उसकी विदेश यात्राओं के उद्देश्य और उसके सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाल रहे हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन एटीएस की एंट्री ने इस केस में राष्ट्रीय सुरक्षा के कोण को जोड़ दिया है।
फिलहाल, मीरा रोड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जैब अकेले इस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था या वह किसी स्लीपर सेल का हिस्सा है। जांच का यह दौर न केवल एक हमले की गुत्थी सुलझाने के लिए है, बल्कि मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में पनप रहे संभावित खतरों को जड़ से मिटाने की एक बड़ी कोशिश है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
