LPG संकट: शहर-शहर मारामारी और सरकार के 5 बड़े फैसले

नई दिल्ली:

वैश्विक तनाव और मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से भारत में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली गैस और तेल की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वैश्विक व्यवधान का सीधा असर भारत के घरेलू बाजारों पर दिख रहा है, जहां कई शहरों में गैस सिलेंडर की किल्लत और पैनिक बुकिंग का दौर शुरू हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 15 मार्च 2026 को कुछ कड़े नियमों की घोषणा की है।

क्यों पैदा हुआ एलपीजी संकट?

मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति और सप्लाई चेन टूटने की खबर फैलते ही उपभोक्ताओं के बीच 'पैनिक बुकिंग' (Panic Booking) शुरू हो गई। लोग डर के मारे एडवांस में सिलेंडर बुक कर रहे हैं, जिससे कृत्रिम किल्लत पैदा हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का एक बड़ा गैस हिस्सा गुजरता है, वहां टैंकरों की आवाजाही रुकने से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए आपूर्ति में देरी की संभावना ने बाजार में डर पैदा कर दिया है।

सरकार द्वारा लिए गए 5 बड़े फैसले और नए नियम

सरकार ने गैस की बर्बादी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

1. PNG ग्राहकों के लिए अनिवार्य सरेंडर नियम:

मंत्रालय द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, जिन घरों में पहले से पाइप नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें अब अपना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर करना होगा। सरकार का मानना है कि एक ही घर में दो प्रकार की रसोई गैस की सुविधा से अन्य जरूरतमंदों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक किया जा सकता है।

2. पैनिक बुकिंग पर रोक (बुकिंग अंतराल में बदलाव):

सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने दो रिफिल बुकिंग के बीच के समय को बढ़ा दिया है। अब एक निश्चित अवधि (जैसे 15-21 दिन) से पहले अगले सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकेगी। इससे उन लोगों पर लगाम लगेगी जो स्टॉक खत्म होने के डर से एडवांस बुकिंग कर रहे थे।

3. केवाईसी (KYC) अपडेट की अनिवार्यता:

गैस एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे उन ग्राहकों की पहचान करें जिनके पास एक ही पते पर कई कनेक्शन हैं। सभी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक या आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जा रहा है ताकि गैस की कालाबाजारी रोकी जा सके।

4. व्यावसायिक उपयोग पर सख्त निगरानी:

घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग (होटल, रेस्टोरेंट आदि) पर निगरानी बढ़ा दी गई है। एलपीजी की मारामारी के बीच यदि कोई घरेलू सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल करते पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

5. वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहन:

आपूर्ति की अनिश्चितता को देखते हुए सरकार सोलर कुकिंग और इलेक्ट्रिक कुकिंग (इंडक्शन) को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू कर रही है। ताकि भविष्य में आयातित गैस पर निर्भरता को कम किया जा सके।

शहरों में स्थिति और मारामारी

दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे महानगरों में गैस वितरकों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हैदराबाद जैसे शहरों में, जहां हाल ही में गैस की किल्लत की खबरें आई थीं, वहां डिलीवरी का समय 2-3 दिन से बढ़कर 7-10 दिन तक पहुंच गया है। वितरकों का कहना है कि डिपो से सप्लाई धीमी होने और पैनिक बुकिंग के कारण वेटिंग पीरियड बढ़ गया है।

क्या करें उपभोक्ता?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) है, लेकिन पैनिक बुकिंग से समस्या बढ़ सकती है।

  • केवल जरूरत पर बुकिंग करें: जब सिलेंडर खाली होने वाला हो, तभी बुकिंग कराएं।
  • नियमों का पालन करें: यदि आपके पास PNG है, तो स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर देश की गैस सुरक्षा में योगदान दें।
  • अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर चल रही सप्लाई पूरी तरह बंद होने जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें।


15 मार्च 2026 की यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि सरकार अब 'वन हाउस, वन कनेक्शन' की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। मिडिल ईस्ट के हालात कब सुधरेंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन घरेलू स्तर पर इन कड़े फैसलों से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण प्रणाली में सुधार होगा और पैनिक बुकिंग कम होगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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