सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा ने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए वैश्विक स्तर पर इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप के लिए मासिक शुल्क वाले 'प्लस' फीचर्स की घोषणा की।

Meta Plus subscription plans : वैश्विक तकनीकी क्षेत्र और सोशल मीडिया की दुनिया में उस वक्त एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया, जब फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी ऐलान कर दिया। अब तक पूरी तरह मुफ्त माने जाने वाले दुनिया के सबसे लोकप्रिय ऐप्स इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप को चलाने के लिए अब यूजर्स को मोबाइल रिचार्ज की तरह ही हर महीने पैसे चुकाने होंगे। मेटा ने वैश्विक स्तर पर अपने सभी यूजर्स के लिए प्रीमियम और कस्टमाइज्ड फीचर्स से लैस नए 'प्लस' (Plus) पेड सब्सक्रिप्शन प्लान्स को आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है, जिसमें भारत जैसा विशाल बाजार भी शामिल है। कंपनी का यह कदम सीधे तौर पर उस धारणा को बदलने जा रहा है कि सोशल मीडिया हमेशा मुफ्त रहेगा, और इसने टेक इंडस्ट्री के साथ-साथ करोड़ों आम यूजर्स को भी सकते में डाल दिया है।

मेटा के इस ऐतिहासिक कदम के पीछे की व्यावसायिक रणनीति पूरी तरह साफ है कि कंपनी अब अपनी कमाई के लिए केवल पारंपरिक विज्ञापनों पर निर्भर नहीं रहना चाहती। राजस्व बढ़ाने का एक नया और सीधा जरिया खोजते हुए मेटा ने तय किया है कि जो यूजर्स बेहतरीन एक्सपीरियंस, एडवांस टूल्स और अपनी रीच को बढ़ाना चाहते हैं, वे अब हर महीने एक निश्चित प्रीमियम राशि का भुगतान करेंगे। टेक क्रंच की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने 'इंस्टाग्राम प्लस' और 'फेसबुक प्लस' की मासिक कीमत 3.99 डॉलर (लगभग 387 रुपये) तय की है, जबकि 'वॉट्सऐप प्लस' के लिए यूजर्स को हर महीने 2.99 डॉलर (लगभग 290 रुपये) का भुगतान करना होगा। हालांकि, मेटा ने अभी विशेष रूप से भारतीय बाजार के लिए स्थानीय कीमतों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन वैश्विक दरों के हिसाब से भारतीय कीमतें भी जल्द ही सामने आने की उम्मीद है।

इस प्लस वर्जन के तहत मिलने वाले एक्सक्लूसिव फीचर्स काफी एडवांस हैं, जो अब तक मुफ्त वर्जन इस्तेमाल करने वालों को बिल्कुल नहीं दिए जाएंगे। वॉट्सऐप प्लस के तहत यूजर्स को मैसेजिंग के पर्सनलाइजेशन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कस्टम थीम्स, यूनीक रिंगटोन्स, प्रीमियम स्टिकर्स और पहले से कहीं ज्यादा चैट्स को स्क्रीन पर पिन करने की सहूलियत मिलेगी। वहीं, इंस्टाग्राम प्लस और फेसबुक प्लस के फीचर्स और भी ज्यादा आकर्षक हैं, जहां इंस्टाग्राम यूजर्स यह देख सकेंगे कि उनकी स्टोरी को किसने और कितनी बार दोबारा (री-वॉच) देखा है। इसके साथ ही, यूजर्स बिना व्यूअर्स लिस्ट में दिखाई दिए दूसरों की स्टोरी का प्रीव्यू गुप्त रूप से देख सकेंगे और अपनी स्टोरी को 24 घंटे से ज्यादा समय तक लाइव रख सकेंगे। हर हफ्ते एक स्टोरी को 'स्पॉटलाइट' करके ज्यादा विजिबिलिटी देने, एनिमेटेड सुपर हार्ट रिएक्शंस, बायो के लिए खास फोंट्स और कस्टम ऐप आइकन्स जैसे कॉस्मेटिक अपग्रेड्स भी इस पेड सर्विस का मुख्य हिस्सा हैं।

व्यावसायिक और तकनीकी दृष्टिकोण से इस पूरे घटनाक्रम का एक और अहम पहलू यह है कि ये नए 'प्लस' प्लान कंपनी की मौजूदा पहचान सत्यापन सेवा 'मेटा वेरिफाइड' से बिल्कुल अलग होंगे। इसके साथ ही कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिएटर्स और बड़े बिजनेस घरानों के लिए 'मेटा वन' (Meta One) नामक एक बेहद एडवांस इकोसिस्टम भी पेश किया है। इसमें 'मेटा वन प्लस' की कीमत 7.99 डॉलर (लगभग 775 रुपये) और 'मेटा वन प्रीमियम' की कीमत 19.99 डॉलर (लगभग 1,939 रुपये) प्रति माह होगी, जो उन यूजर्स के लिए अनिवार्य हो जाएगी जो भारी मात्रा में एआई इमेज, वीडियो जनरेशन और जटिल रीजनिंग टास्क करते हैं। इसके अलावा इंफ्लुएंसर्स और बिजनेस की रीच बढ़ाने के लिए 'मेटा वन एसेंशियल' (14.99 डॉलर) और 'मेटा वन एडवांस्ड' प्लान भी लाए गए हैं, जो फेसबुक फीड और सर्च रिजल्ट्स में सब्सक्राइबर्स की पोस्ट को प्राथमिकता देंगे।

मेटा का यह कदम डिजिटल दुनिया के इतिहास में एक बड़े टर्निंग पॉइंट के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मेटा एआई चैटबॉट और ऐप्स का बेसिक वर्जन फिलहाल मुफ्त में उपलब्ध रहेगा, लेकिन हैवी यूसेज और प्रीमियम टूल्स चाहने वाले यूजर्स एक निश्चित सीमा के बाद इस पेड नेटवर्क में आने के लिए मजबूर हो जाएंगे। दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी द्वारा उठाया गया यह कदम आने वाले समय में इंटरनेट की पूरी अर्थव्यवस्था और यूजर बिहेवियर को हमेशा के लिए बदलने का दम रखता है।

Updated On 28 May 2026 4:10 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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