खाकी को चुनौती या सुरक्षा में चूक? कचहरी से वीडियो कॉल करने वाले गैंगस्टर कालू का कारनामा सोशल मीडिया पर वायरल|
चित्रकूट जेल में बंद गैंगस्टर कालू ने मेरठ कचहरी में पेशी के दौरान हिस्ट्रीशीटर को वीडियो कॉल की, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।

मेरठ कचहरी का मुख्य द्वार और वीडियो कॉल करते हुए गैंगस्टर कालू का स्क्रीनशॉट, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच के दायरे में है。
उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। चित्रकूट जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर रोहन उर्फ कालू रामनगर जब मेरठ कचहरी में पेशी पर आया, तो उस पर जेल की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का आरोप लगा है। आरोप है कि पेशी के दौरान कालू ने अपने एक साथी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर किठौर के हिस्ट्रीशीटर कादिर बड्डा को व्हाट्सएप वीडियो कॉल की। इस वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग को खुद कादिर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर कर दिया, जिसके बाद यह मामला तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है।
कौन है डी-182 गैंग का सरगना कालू?
गैंगस्टर कालू मूल रूप से मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के रामनगर का रहने वाला है। वह स्थानीय थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 462-ए है। सिविल लाइन पुलिस ने उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कालू को मेरठ के 'डी-182 गैंग' का सरगना माना जाता है। उसके आपराधिक इतिहास का दायरा सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ यूपी और उत्तराखंड में 15 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
गोलू गैंग से पुरानी रंजिश और वर्चस्व की जंग
गैंगस्टर कालू के गैंग की रंजिश सकौती के रहने वाले शिवम उर्फ गोलू के गैंग से काफी पुरानी है। दोनों विरोधी गैंग के बीच इलाके में वर्चस्व को कायम रखने को लेकर कई बार खूनी संघर्ष हो चुका है। दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी इस हद तक बढ़ चुकी है कि 19 अगस्त 2025 को बहसूमा के रहावती गांव में दोनों गैंग आमने-सामने आ गए थे। उस खूनी झड़प के दौरान दोनों तरफ से 50 से अधिक राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई थी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
गैंगवार की आशंका के चलते भेजा गया था चित्रकूट जेल
बढ़ते तनाव और जेल के भीतर या बाहर किसी बड़ी गैंगवार की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया था। 28 अगस्त 2025 को कालू ने उत्तराखंड के एक पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वा ली थी, जिसके बाद वह जेल चला गया। जब वह मेरठ जेल में बंद था, तब दोनों प्रतिद्वंद्वी गैंग्स के बीच टकराव की आशंका लगातार बनी हुई थी। इसी खतरे को भांपते हुए अक्टूबर 2025 में सुरक्षा के लिहाज से कालू और उसके कुछ साथियों को मेरठ से स्थानांतरित कर चित्रकूट जेल भेज दिया गया था। अब पेशी के दौरान उसका इस तरह वीडियो कॉल करना पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और जेल से बाहर उसके संपर्कों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मुजीब उर्फ कप्तान के साथ सामने आई तस्वीर
इस पूरे विवादित मामले में कादिर बड्डा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर गैंगस्टर कालू की एक अन्य तस्वीर भी सामने आई है। यह फोटो मुजीब उर्फ कप्तान नाम के युवक के साथ है, जो नौचंदी क्षेत्र के आरटीओ का रहने वाला बताया गया है। मुजीब का भी पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह एक हत्याकांड में नामजद रह चुका है तथा कादिर के संपर्क में रहता है। खास बात यह है कि इस वायरल तस्वीर में कालू ने वही टी-शर्ट पहनी हुई है, जो वीडियो कॉल के दौरान साफ नजर आ रही थी। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कालू ने वीडियो कॉल करने के लिए इसी मुजीब के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था।
पुलिस खंगाल रही वीडियो कॉल की पूरी कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात अभिजीत कुमार ने इस पूरे प्रकरण पर बयान दिया है। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर कालू रामनगर और हिस्ट्रीशीटर कादिर बड्डा के बीच व्हाट्सएप वीडियो कॉल का यह मामला संज्ञान में आया है, जिसकी पूरी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कालू सटीक रूप से किस तारीख को पेशी पर मेरठ आया था और यह वीडियो कॉल कब रिकॉर्ड की गई थी। इसके अलावा, वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य युवकों की पहचान की जा रही है और उनसे पूछताछ के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
