बाजार में हाहाकार! निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला, $105 के पार पहुंचे कच्चे तेल ने बढ़ाई टेंशन
Stock Market LIVE Update: ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट। जानें किन सेक्टर्स में हुई सबसे ज्यादा बिकवाली और एशियाई बाजारों का क्या है हाल।

Market Panic—Nifty slips below 24,000
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हो रहा है। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और ईरान युद्ध की गहराती आशंकाओं के बीच घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार खुलते ही निवेशकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, जिससे कुछ ही मिनटों में अरबों रुपये स्वाहा हो गए।
बाजार की शुरुआत और बड़ी गिरावट
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। वैश्विक संकेतों का पीछा करते हुए सेंसेक्स 2,000 से अधिक अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़ दिया। शुरुआती कारोबार में ही गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में 2.3% की गिरावट देखी गई, जो 23,761.50 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट पिछले शुक्रवार की मंदी के बाद आई है, जब सेंसेक्स 1,000 अंक और निफ्टी 24,450 के स्तर पर बंद हुआ था।
युद्ध और कच्चे तेल का प्रभाव
बाजार में इस "ब्लडबाथ" का मुख्य कारण ईरान में चल रहे युद्ध की स्थिति है। भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल के पार निकल गईं। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे के लिए बड़ा खतरा मानी जाती हैं।
सेक्टर-वार प्रदर्शन: बैंकिंग और पीएसयू सबसे ज्यादा प्रभावित
बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों (PSU Banks) पर पड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 4% से ज्यादा की गिरावट के साथ सबसे बड़ा 'लैगार्ड' (पिछड़ने वाला) रहा। इसके अलावा:
- निफ्टी बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज: इन सेक्टर्स ने भी बाजार की तुलना में खराब प्रदर्शन किया।
- मिडकैक और स्मॉलकैप: व्यापक बाजार भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप दोनों में 2.67% की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में भी मची मंदी
भारतीय बाजार अकेला नहीं है जो इस संकट का सामना कर रहा है। सोमवार को पूरे एशिया के शेयर बाजार धराशायी हो गए:
- जापान का निक्केई 225: इसमें 6.05% की भारी गिरावट आई और यह 53,000 के स्तर से नीचे आ गया।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी: यहां 6.5% की गिरावट दर्ज की गई।
- ऑस्ट्रेलिया का ASX 200: शुरुआती कारोबार में यह भी 3.68% नीचे रहा।
निवेशकों के लिए स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। वर्तमान में बाजार पूरी तरह से वैश्विक खबरों और भू-राजनीतिक गतिविधियों से संचालित हो रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
