नई दिल्ली | 25 जनवरी, 2026

संवाद से समाधान: प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' के साथ शुरू हुआ नए साल का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। अक्टूबर 2014 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम अब अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का एक सशक्त माध्यम बन गया है। वर्ष 2026 के इस पहले एपिसोड में प्रधानमंत्री ने देश की सांस्कृतिक विरासत, हालिया विकास परियोजनाओं और नागरिकों के उन अभिनव प्रयासों की सराहना की, जो 'विकसित भारत' के सपने को सच कर रहे हैं।

130वां एपिसोड: मुख्य आकर्षण और प्रमुख मुद्दे

आज का संबोधन सुबह 11 बजे आकाशवाणी, दूरदर्शन और 'नरेंद्र मोदी ऐप' सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया।

  • जन-भागीदारी का आह्वान: प्रधानमंत्री ने उन 'साइलेंट हीरोज' (मूक नायकों) की कहानियाँ साझा कीं, जो अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं।
  • विकास की नई राह: संबोधन में देश की सांस्कृतिक प्रगति और स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local for Vocal) को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई।
  • सांस्कृतिक वैभव: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश की एकता और विविधता पर विशेष जोर दिया गया।

नीतिगत चर्चा और प्रशासनिक सक्रियता

इस बार का कार्यक्रम एक विशेष प्रशासनिक पृष्ठभूमि में आयोजित हुआ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जैसे नितिन गडकरी और संबित पात्रा ने जनता से अधिक से अधिक संख्या में इस संवाद से जुड़ने की अपील की थी।

  • यूजीसी के नए नियम और जनमत: हाल ही में उच्च शिक्षा में समानता (Equity in Higher Education) को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी किए गए नए नियमों पर कुछ हलकों में असंतोष देखा गया है। हालांकि प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर इन आलोचनाओं का उत्तर नहीं दिया, लेकिन उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के माध्यम से समावेशी शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला।
  • क्षेत्रीय विस्तार: कार्यक्रम के मूल प्रसारण के तुरंत बाद देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में इसका अनुवाद प्रसारित किया गया, ताकि यह संवाद देश के अंतिम छोर तक पहुँच सके।
  • सामुदायिक आयोजन: देश के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निकायों ने सामूहिक रूप से 'मन की बात' सुनने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया।

विकसित भारत के संकल्प की पुनरावृत्ति

'मन की बात' का 130वां एपिसोड यह दर्शाता है कि यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी प्रसारण नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक चेतना का प्रतिबिंब बन चुका है। प्रधानमंत्री का यह संवाद ऐसे समय में आया है जब देश 2026 के अपने विकास लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है। चाहे वह शिक्षा नीति में सुधार हो या सांस्कृतिक गौरव का पुनरुत्थान, प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था—भारत की शक्ति उसके नागरिकों की एकता और उनके नवाचारों में निहित है।

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