कोलकाता के स्ट्रॉन्ग रूम में 3 घंटे बिताने के बाद मुख्यमंत्री ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और केंद्रीय बलों के पक्षपात को लेकर कड़ा रुख अपनाया।

EVM tampering allegations : पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतगणना से पहले का पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के एक स्ट्रॉन्ग रूम में तीन घंटे से अधिक समय बिताने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता को लेकर अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) या मतगणना प्रक्रिया के साथ किसी भी प्रकार की हेरफेर की कोशिश की गई, तो यह उनके लिए ‘जीने-मरने की लड़ाई’ होगी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बीच ममता बनर्जी का यह कड़ा रुख राज्य की सियासत में बड़े टकराव का संकेत दे रहा है।

स्ट्रॉन्ग रूम में मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण

दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में उस समय हड़कंप मच गया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वहां मुआयना करने पहुँच गईं। यह स्कूल भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का मुख्य वितरण केंद्र है, जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम और मतपत्र रखे गए हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा उस वायरल वीडियो के बाद हुआ, जिसमें स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों का दावा किया गया था। सीसीटीवी फुटेज की निगरानी के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं मोर्चा संभालने का निर्णय लिया और करीब 180 मिनट तक वहां की सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान :

स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकलते ही ममता बनर्जी के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, "अगर कोई ईवीएम मशीन चुराने या गिनती में धांधली करने की कोशिश करता है, तो हम जान की बाजी लगाकर लड़ेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी पूरी जिंदगी संघर्ष करने को तैयार हैं। टीवी पर संदिग्ध गतिविधियों को देखने के बाद अपने इस कदम को सही ठहराते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्तरों पर हेरफेर की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें स्वयं घटनास्थल पर आना पड़ा।

केंद्रीय बलों से टकराव और पक्षपात के आरोप :

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच तीखी बहस की खबरें भी सामने आईं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने उन्हें अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, एक उम्मीदवार के तौर पर अपने संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए वह अंदर प्रविष्ट हुईं। उन्होंने निर्वाचन नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को सीलबंद कक्ष तक जाने का पूर्ण अधिकार है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी के प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया गया है, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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