मौत के मुंह से खींच लाए जिंदगी,शटर तोड़कर और CPR देकर मालवीय नगर के जांबाजों ने ऐसे रचा मानवता का सबसे बड़ा इतिहास।
दिल्ली के मालवीय नगर में होटल के भीतर फंसे विदेशी नागरिकों को स्थानीय युवाओं ने शटर तोड़कर और सीपीआर प्रदान कर सुरक्षित बाहर निकाला।

नई दिल्ली के मालवीय नगर में होटल अग्निकांड के बाद सीढ़ी के सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते लोग और जान बचाने वाले वसीम राजा, मोहम्मद शोएब एवं इसरार खान।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस अग्निकांड के दौरान जहां चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और होटल परिसर धुएं के गुबार से घिर चुका था, वहीं स्थानीय निवासियों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। प्रशासनिक और दमकल विभाग की टीमों के पहुंचने से पहले ही हौज रानी और आसपास के नागरिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस त्वरित सूझबूझ और मानवीय प्रयास के चलते होटल के अलग-अलग हिस्सों में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटनाक्रम के अनुसार, होटल की इमारत में आग लगने के बाद दम घोंटू काला धुआं तेजी से फैल गया, जिससे कई लोग बेहोश होने लगे। इस संकट की स्थिति में मोहम्मद शोएब, इसरार खान और उनके सहयोगियों ने तत्परता दिखाई। धुएं के कारण लगभग दस लोग अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े थे। पीड़ितों की नाजुक स्थिति को देखते हुए वसीम राजा, जो मैक्स अस्पताल में कार्यरत हैं, ने अपनी चिकित्सीय समझ का उपयोग किया। स्थानीय युवाओं ने गंभीर रूप से प्रभावित छह से सात लोगों को तुरंत कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू किया और कुछ लोगों को कृत्रिम सांसें प्रदान कीं, जिसके फलस्वरूप अचेत हो चुके नागरिकों की सांसें वापस लौट आईं।
हादसे के समय होटल का बेसमेंट पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका था। बाहर निकलने के एकमात्र मार्ग पर मजबूत लोहे का शटर और सुरक्षा जाल लगा होने के कारण भीतर फंसे लोग बाहर आने में असमर्थ थे। इसरार खान और उनके साथियों ने बिना समय गंवाए जाल युक्त शटर को उखाड़ने के लिए सामूहिक बल का प्रयोग किया। शटर हटाए जाने के बाद बेसमेंट से कुल सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें तीन विदेशी नागरिक शामिल थे जो धुएं के प्रभाव से बेसुध पड़े थे। अस्पताल कर्मी वसीम राजा ने इन विदेशी नागरिकों को तब तक प्राथमिक उपचार और सीपीआर देना जारी रखा, जब तक कि वे सामान्य रूप से सांस लेने की स्थिति में नहीं आ गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान तीसरी मंजिल पर भी फंसे हुए लोगों की तलाश की गई। मोहम्मद शोएब जब खोजबीन करते हुए तीसरे फ्लोर पर पहुंचे, तो वहां एक विदेशी दंपति कमरे के फर्श पर लेटा हुआ मिला। धुएं के गुबार से बचने के लिए इस जोड़े ने फर्श पर लेटकर अपनी जान बचाने की कोशिश की थी, जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे लोगों का नीचे खड़े नागरिकों ने लगातार हौसला बढ़ाया, जिससे बचाव कार्य में जुटे लोगों का मनोबल बना रहा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अग्निशमन विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इमारत में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकास द्वारों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है ताकि विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय नागरिकों द्वारा समय पर की गई इस साहसिक कार्रवाई की अधिकारियों ने भी सराहना की है, जिसने एक बड़े हादसे को टालने में मुख्य भूमिका निभाई।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
