पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में माणिकचक घाट पर गंगा का जलस्तर 25.22 मीटर पहुंच गया है, जो 25.30 मीटर के चरम खतरे के निशान से महज 8 सेंटीमीटर नीचे है। राज्य सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन जल्द बढ़ने की आशंका है।

अधिकारियों के मुताबिक माणिकचक में गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है, क्योंकि नदी का जलस्तर चरम खतरे के स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है।

विभाग के एक वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता ने बताया कि सोन नदी से पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है, हालांकि अभी भी यह करीब 4.5 लाख क्यूसेक की रफ्तार से बह रही है। वहीं, कोसी नदी से 2.16 लाख क्यूसेक और गंडक नदी से 1.64 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

इधर, फरक्का बैराज परियोजना सामान्य रूप से संचालित हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि बैराज के तालाब का जलस्तर बनाए रखा जा रहा है और कुल स्थिति नियंत्रण में है। वर्तमान में फरक्का बैराज से करीब 11.5 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।

माणिकचक घाट पर गंगा के जलस्तर में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है, लेकिन इसके जल्द बढ़ने की संभावना के चलते अधिकारी स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं। गंगा के चरम खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने से आने वाले जलस्तर पर निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story