महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में शिवसेना की फाइनल लिस्ट तैयार; जानें किन्हें मिला टिकट
शिवसेना ने विधान परिषद चुनाव के लिए डॉ. नीलम गोरे और बच्चू कडू के नाम की घोषणा की है, जिससे राज्य में राजनीतिक समीकरण और रणनीतिक मुकाबला तेज हो गया है।

मुंबई में स्थित महाराष्ट्र विधान भवन की इमारत, जहां 12 मई को विधान परिषद की नौ सीटों और एक उपचुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी।
Maharashtra Vidhan Parishad Election 2026 : महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर बिछी बिसात अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सत्तारूढ़ शिवसेना ने इस राजनीतिक महामुकाबले के लिए अपने योद्धाओं के नाम की घोषणा कर दी है, जिसमें वर्तमान उपसभापति डॉ. नीलम गोरे और हाल ही में पाला बदलकर आए दिग्गज नेता बच्चू कडू को उम्मीदवार बनाया गया है। बृहस्पतिवार को हुई इस घोषणा ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि यह निर्णय केवल सीटों का चयन नहीं बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक बड़ी रणनीतिक घेराबंदी का हिस्सा माना जा रहा है।
घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब प्रहार जनशक्ति पक्ष (पीजेपी) के प्रमुख बच्चू कडू ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में आधिकारिक तौर पर शिवसेना का दामन थाम लिया। कडू की घर वापसी के तुरंत बाद पार्टी ने उन्हें परिषद चुनाव का टिकट देकर सभी को चौंका दिया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उम्मीदवारों के चयन का बचाव करते हुए कहा कि डॉ. नीलम गोरे और बच्चू कडू दोनों के पास सार्वजनिक सेवा और सामाजिक कार्यों का व्यापक अनुभव है। गौरतलब है कि नीलम गोरे का वर्तमान कार्यकाल 13 मई को समाप्त हो रहा है, जबकि बच्चू कडू, जिन्होंने 1999 में शिवसेना छोड़कर अपनी अलग राह चुनी थी, एक लंबे अंतराल के बाद वापस लौटे हैं।
इस चुनावी दंगल के कानूनी और तकनीकी पहलुओं की बात करें तो 13 मई को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित नौ पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन खाली हो रही नौ सीटों और एक उपचुनाव की सीट के लिए 12 मई को मतदान होना सुनिश्चित हुआ है। नामांकन की प्रक्रिया बृहस्पतिवार को पूरी हो गई, जिससे अब मुकाबला स्पष्ट हो चुका है। जहां शिवसेना ने दो चेहरों को मैदान में उतारा है, वहीं उनकी सहयोगी भाजपा ने प्रमोद जठार, सुनील विनायक कर्जतकर और माधवी नाइक सहित पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की है, साथ ही उपचुनाव के लिए प्रज्ञा राजीव सातव पर दांव खेला है। दूसरी ओर, विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की स्थिति इस बार चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है और वे केवल एक सीट जीतने की कतार में दिख रहे हैं, जिसके लिए अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाया गया है।
बच्चू कडू की उम्मीदवारी विदर्भ क्षेत्र में शिवसेना की पैठ को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि कडू अमरावती जिले से चार बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उनकी जमीनी पकड़ अभी भी बेजोड़ मानी जाती है। चुनाव के यह नतीजे न केवल विधान परिषद की संरचना तय करेंगे, बल्कि यह भी स्पष्ट करेंगे कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच कितनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
