लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने कड़े प्रशासनिक कदम उठाए हैं। सोमवार को हुए इस भीषण हादसे में 15 लोगों की मृत्यु की पुष्टि के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जिनमें जानकीपुरम के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और प्रमोद पांडे शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में भवन के मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए पचास-पचास हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के अनुसार, इस अग्निकांड के संबंध में नामजद आरोपितों रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक उत्तरदायित्व के गंभीर प्रश्नों को जन्म देती है, जिनकी जांच अब गठित एसआईटी द्वारा की जाएगी।

Lalita Rajput

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