LPG gas cylinder price hike May 2026 : देश के करोड़ों परिवारों की रसोई से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जैसे-जैसे अप्रैल का महीना ढल रहा है, मध्यमवर्गीय परिवारों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं, क्योंकि 1 मई से रसोई गैस (LPG) के मोर्चे पर बड़े बदलावों की आहट सुनाई दे रही है। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनावी शोर थमते ही सरकारी तेल कंपनियां सिलेंडरों की कीमतों में भारी इजाफा कर सकती हैं। यह आशंका केवल अटकलबाजी नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच सप्लाई चेन में आई बाधाओं का सीधा परिणाम है। होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए गतिरोध ने एलपीजी के आयात में देरी कर दी है, जिससे घरेलू बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन बुरी तरह चरमरा गया है।

सरकार ने इस संकट की गंभीरता को देखते हुए अब कड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बड़े नीतिगत निर्णय के तहत देश भर में नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब केवल मौजूदा उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने पर है, ताकि कम से कम पुराने ग्राहकों को किल्लत का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, बुकिंग के नियमों में भी बड़े बदलावों की तैयारी पूरी हो चुकी है। अब शहरी क्षेत्रों में दो सिलेंडरों की रिफिल के बीच 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों का अनिवार्य अंतर रखने के नियम को स्थायी रूप दिया जा रहा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब उपभोक्ता अपनी मर्जी से कभी भी झटपट सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे, जिससे बड़े परिवारों के लिए गैस का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

सुरक्षा और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने अब ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी सिस्टम को पूर्णतः अनिवार्य कर दिया है। अब आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए कोड के बिना सिलेंडर की डिलीवरी लेना असंभव होगा। यह कदम खासतौर पर दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों जैसे हैदराबाद और विशाखापट्टनम में बढ़ती ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए उठाया गया है, जहाँ घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी और सख्त कानूनी प्रावधानों के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। विशेषज्ञों की मानें तो मौजूदा संकट को देखते हुए उपभोक्ताओं के लिए अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की ओर रुख करना ही एकमात्र दीर्घकालिक समाधान है, ताकि सिलेंडर की लंबी वेटिंग और अनिश्चित कीमतों से निजात मिल सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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