LPG बुकिंग में 40% का भारी उछाल; अफवाहों के बीच सरकार ने पैनिक बुकिंग रोकने की अपील की
LPG बुकिंग में 40% की वृद्धि पर सरकार का बयान: देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग से बचें। सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।

LPG booking
देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर फैली असमंजस की स्थिति और सोशल मीडिया पर तैरती अफवाहों ने आम जनता के बीच भारी बेचैनी पैदा कर दी है। आलम यह है कि देशभर में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अचानक 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने मोर्चा संभाला है और स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का संकट नहीं, बल्कि 'पैनिक बुकिंग' की समस्या खड़ी हो रही है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे संयम बरतें, क्योंकि देश में कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
बुकिंग के आंकड़ों ने चौंकाया : 55 लाख से सीधे 75 लाख के पार
तेल मंत्रालय द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने आपूर्ति प्रणाली पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव की पोल खोल दी है। सामान्य दिनों में जहाँ देशभर में औसतन 55.7 लाख एलपीजी बुकिंग होती थीं, वहीं अफवाहों के चलते यह आंकड़ा रातों-रात बढ़कर 75.7 लाख तक पहुँच गया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह उछाल वास्तविक मांग नहीं बल्कि डर के कारण की जा रही अतिरिक्त बुकिंग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के 25 हजार एलपीजी वितरकों में से किसी ने भी स्टॉक खत्म होने की सूचना नहीं दी है, इसलिए अनावश्यक जमाखोरी की कोई आवश्यकता नहीं है।
रिफाइनिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता का दावा :
सरकार ने ईंधन की उपलब्धता को लेकर विस्तृत डेटा प्रस्तुत करते हुए जनता को आश्वस्त किया है। सुजाता शर्मा के अनुसार:
- भारत के पास वर्तमान में 258 मिलियन मीट्रिक टन की विशाल रिफाइनिंग क्षमता है।
- पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में देश पूरी तरह आत्मनिर्भर है और सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत क्षमता पर कार्य कर रही हैं।
- देशभर के लगभग एक लाख पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सुचारू है और कहीं भी 'ड्राई आउट' जैसी स्थिति नहीं है।
- पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की आपूर्ति भी बिना किसी कटौती के निरंतर जारी है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैकल्पिक तैयारी :
हालांकि, सरकार ने यह स्वीकार किया है कि भारत का 90 प्रतिशत एलपीजी आयात 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते होता है, जहाँ मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है। इसी के मद्देनजर एहतियातन राज्यों को 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है। साथ ही, कोल इंडिया को निर्देश दिए गए हैं कि वे छोटे उद्योगों के लिए कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सरकार अब बड़े शहरों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उन 60 लाख घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दे रही है जहाँ पाइपलाइन की सुविधा तो है, लेकिन वे अब भी एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं।
जमाखोरी पर लगाम और सख्त निर्देश :
ईंधन की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। सभी जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अफवाह फैलाने वालों और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। मंत्रालय ने अंत में दोहराया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और नागरिकों का सहयोग ही इस कृत्रिम संकट को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
