पंजाब में हाल के महीनों में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाकर किए गए IED धमाकों की कड़ियाँ अंततः विदेश तक जा पहुँची हैं। पंजाब पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसियों और मलेशियाई अधिकारियों के साथ मिलकर चलाए गए एक उच्च-स्तरीय संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स' (KZF) के दो मोस्ट वांटेड आतंकवादियों को मलेशिया से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। गुरुवार सुबह जैसे ही ये आरोपी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे, सुरक्षा बलों ने उन्हें तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान अंबाला के गुरविंदर सिंह और पटियाला के मनजीत सिंह के रूप में हुई है, जो लंबे समय से मलेशिया से पंजाब में आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।

प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये दोनों आरोपी मलेशिया में बैठकर पंजाब के रेलवे बुनियादी ढांचे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बड़े हमलों का निशाना बनाने की गहरी साजिश रच रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य पंजाब की शांति व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करना था। सुरक्षा एजेंसियों को जांच के दौरान पता चला है कि ये केवल साजिश ही नहीं रच रहे थे, बल्कि मलेशिया से एक विस्तृत आतंकी फंडिंग नेटवर्क भी चला रहे थे। ये लोग विदेशों में स्थित विभिन्न बैंक खातों का उपयोग करके पंजाब में छिपे हुए KZF के अन्य आतंकियों तक पैसा पहुँचा रहे थे, ताकि विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

इस कार्रवाई का सूत्रधार पंजाब पुलिस द्वारा पहले की गई धरपकड़ है। पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को फतेहगढ़ साहिब के सिरहिंद और 27 अप्रैल 2026 को पटियाला के शंभू इलाके में हुए IED धमाकों के मॉड्यूल का खुलासा किया था। उस दौरान चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके पास से RPG लॉन्चर, अत्याधुनिक पिस्टल, RDX और हैंड ग्रेनेड का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ था। इन्हीं गिरफ्तार आतंकियों से हुई गहन पूछताछ के आधार पर एजेंसियों ने मलेशिया में बैठे इन दो प्रमुख मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।

भारत लाए जाने के उपरांत, 18 जून 2026 को इन दोनों आरोपियों को पटियाला की स्थानीय अदालत में पेश किया गया। मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए अदालत ने दोनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, ताकि उनसे विस्तार से पूछताछ की जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी नेटवर्क की एक बड़ी कड़ी है। अब जांच का पूरा ध्यान इस आतंकी तंत्र की जड़ तक पहुँचने और उन स्थानीय मददगारों की पहचान करने पर केंद्रित है जो पंजाब की धरती पर इन विदेशी आकाओं के इशारे पर सक्रिय थे। यह सफलता सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे राज्य में भविष्य के संभावित बड़े आतंकी हमलों को टालने में मदद मिलेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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