जंतर-मंतर पर डटे छात्रों का हौसला बनीं कुनिका सदानंद, नीट छात्रों के समर्थन में सुनाई दिनकर की कविता|
नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों के समर्थन में आईं अभिनेत्री कुनिका सदानंद, सरकार से की छात्रों की बात सुनने की अपील।

एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरी ओर अभिनेत्री कुनिका सदानंद का चित्र|
अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर एक बार फिर सरकार के समक्ष अपनी बात रखी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए, उन्होंने अपना संदेश साझा किया है। कुनिका ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना 'लोहे के पेड़ हरे होंगे' का पाठ किया है।
अपनी बात रखते हुए कुनिका ने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र कोई अनुचित लाभ नहीं मांग रहे हैं, बल्कि उनकी मांग केवल निष्पक्षता और जवाबदेही की है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा मंत्री से संवाद करना चाहते हैं और एकजुट होते हैं, तो यह लोकतंत्र को चुनौती नहीं बल्कि उसे सशक्त करने का एक माध्यम है। अभिनेत्री ने यह भी दोहराया कि प्रत्येक छात्र की बात को धैर्यपूर्वक सुना जाना चाहिए और उनकी जायज शिकायतों का संतोषजनक उत्तर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से न्याय के वादों पर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों और भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कुनिका ने कहा कि हालांकि वह व्यक्तिगत रूप से वहां उपस्थित होने में असमर्थ हैं, लेकिन उनकी प्रार्थनाएं छात्रों के साथ हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्रों की आवाज सुनी जाएगी और उनके प्रश्नों का उत्तर उन्हें शीघ्र मिलेगा। इससे पहले भी नीट परीक्षा रद्द होने और उसके पुनः आयोजन के संदर्भ में कुनिका ने सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने परीक्षा प्रणाली की खामियों पर सवाल उठाए थे।
गौरतलब है कि नीट यूजी परीक्षा का आयोजन 3 मई 2026 को हुआ था, जिसमें लगभग 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक होने के आरोपों के बाद इस परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसी के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी सरकार की नीतियों और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों का मुख्य मुद्दा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और सिस्टम में बड़े स्तर पर सुधार है। अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को 'वायरस' बताने वाले बयानों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सरकार की ओर से अभी तक इस विरोध प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक समाधान सामने नहीं आया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
