Khan Sir Case Update: पटना कोचिंग विवाद के बाद यूपी के पैतृक गांव में भी घिरे खान सर, करीबियों ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार के चर्चित शिक्षक खान सर उर्फ फैजल खान पर पटना में केस दर्ज होने के बाद उनके उत्तर प्रदेश के देवरिया स्थित पैतृक मकान से जुड़े विवाद सामने आए हैं।

यूपी के देवरिया में खान सर का पैतृक मकान, जहां पटना विवाद के बाद उनके पुराने मामलों पर चर्चा तेज है।
बिहार के बेहद चर्चित शिक्षक और सोशल मीडिया जगत के लोकप्रिय चेहरा खान सर उर्फ फैजल खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पटना में उनके कोचिंग संस्थान के बाहर हुए हिंसक बवाल और कथित गोलीबारी के मामले में नामजद आरोपी बनने के बाद अब उनके अतीत के पन्ने भी खुलने लगे हैं। इस हाई प्रोफाइल कानूनी विवाद की गूंज अब बिहार की सीमा को लांघकर उत्तर प्रदेश में उनके पैतृक निवास तक पहुंच गई है। यूपी के देवरिया जिले में स्थित उनके पैतृक गांव के निवासियों, पड़ोसियों और यहां तक कि उनके अपने सगे संबंधियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे इस लोकप्रिय शिक्षक की सामाजिक और कानूनी घेराबंदी और मजबूत होती दिख रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक खान सर के पैतृक गांव भटपर रानी में पटना की घटना के बाद से ही हलचल तेज है। गांव के स्थानीय लोग अब उनके पुराने आचरण और पूर्व में हुए विवादों को लेकर खुलकर सामने आ रहे हैं। भटपर रानी गांव के निवासी और खान सर के पड़ोसी धर्मेंद्र ने मीडिया के सामने आकर उन पर प्रशासनिक रसूख और धन-बल के दुरुपयोग का सीधा आरोप लगाया है। पड़ोसी का दावा है कि उनके क्षेत्र की एक गली में सड़क और नाली निर्माण को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जिसमें खान सर ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर स्थानीय लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित का आरोप है कि उनके दबाव में आकर एक बार उनकी दीवार को भी जबरन ढहा दिया गया था, जिस पर बाद में स्थानीय प्रशासन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने स्पष्टीकरण भी जारी किया था।
यह कानूनी और पारिवारिक संकट तब और गहरा गया जब खान सर के रिश्ते में चाचा लगने वाले इमरान ने उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। चाचा इमरान का कहना है कि वे लोग एक ही परिवार का हिस्सा हैं और उनके बीच पुश्तैनी मकान को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। इस संपत्ति विवाद में खान सर और उनके परिवार द्वारा कथित तौर पर उन लोगों को काफी प्रताड़ित किया गया है। इमरान ने आरोप लगाया कि खान सर अपने विरोधियों और करीबियों के खिलाफ धन और अपनी पहचान की ताकत का अनुचित प्रयोग करते हैं। उन्होंने खान सर के स्वभाव को बेहद अहंकारी और अत्यधिक महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि वे सुर्खियों में बने रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और पटना में हुई हिंसक घटना भी इसी अनियंत्रित महत्वाकांक्षा का सीधा परिणाम है।
इस विवाद की पृष्ठभूमि 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके से शुरू हुई थी, जहां खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान परिसर पर अचानक हमला और तोड़फोड़ की गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान संस्थान के निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा भीड़ पर कथित रूप से की गई ताबड़तोड़ फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के सार्वजनिक होते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।
कानूनी और आधिकारिक मोर्चे पर कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई की और कोचिंग संस्थान के दो मुख्य सुरक्षा गार्डों, प्रदीप और तालेश्वर को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई कड़ी पूछताछ में दोनों सुरक्षा गार्डों ने भीड़ पर गोली चलाने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही गिरफ्तार गार्डों ने पुलिस के सामने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए दावा किया कि उन्होंने यह कदम पूरी तरह से खान सर के सीधे आदेश और निर्देश पर उठाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और उनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी जब्त कर लिए हैं। इस कबूलनामे के आधार पर स्थानीय पुलिस ने विभिन्न गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत खान सर को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश और बिहार की पुलिस टीमें तकनीकी साक्ष्यों, बयानों और स्थानीय गवाहों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही हैं। इस विवाद ने न केवल खान सर की व्यक्तिगत और व्यावसायिक साख को दांव पर लगा दिया है, बल्कि देश में निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन और उनके सुरक्षा तंत्र को लेकर भी एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में पुलिस की अंतिम चार्जशीट और अदालती रुख से ही यह साफ हो पाएगा कि देश के इस चर्चित शिक्षक का भविष्य क्या रुख अख्तियार करता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
