उज्जैन के प्रसिद्ध 'खड़े हनुमान मंदिर' में लगभग 200 वर्ष पुरानी प्रतिमा के विस्थापन की चर्चाओं के बीच अब प्रशासनिक स्तर पर यू-टर्न ले लिया गया है। सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों और दावों के बाद उज्जैन के एसडीएम एल.एन. गर्ग ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन ने अभी तक इस प्रतिमा को हटाने या विस्थापित करने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैली थी कि प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक प्रतिमा को हटाने के लिए कई प्रयास किए जा चुके हैं। इन खबरों पर विराम लगाते हुए एसडीएम गर्ग ने कहा कि इस तरह की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने साफ किया कि किसी भी प्रकार की मशीन या मानवीय युक्तियों से प्रतिमा को विस्थापित करने की कोई कोशिश नहीं की गई है।

प्रशासन का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्य भी आवश्यक हैं, लेकिन उज्जैनवासियों और देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रतिमा की सुरक्षा, लोगों की भावनाएं और उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत सर्वोपरि हैं। इसलिए, किसी भी संबंधित पक्ष की भावनाओं को नजरअंदाज किए बिना प्रशासन कोई कदम नहीं उठाएगा। इसके साथ ही, प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण और विशेषज्ञों की तकनीकी राय प्राप्त किए बिना विस्थापन संबंधी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही आगे का समाधान निकाला जाएगा।

दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद से ही खड़े हनुमान मंदिर के बाहर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग इसे चमत्कार मानकर दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ नेपाल जैसे अन्य स्थानों से भी भक्त विशेष रूप से हनुमान जी के दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं। इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस के नेता भी हनुमान जी के पक्ष में भगवा वस्त्र धारण कर मौके पर पहुंचे और अपना समर्थन जताया। इतिहास के जानकारों के अनुसार यह प्रतिमा परमार कालीन है, और अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और विशेषज्ञों की आगे की प्रक्रिया क्या रहती है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story