केरल के कोल्लम जिले में स्थित नींदाकारा की रहने वाली 24 साल की अंजू की शादी 27 जुलाई को परिमानम (मुंडाक्काथ हाउस) के रहने वाले 28 साल के नंदू के साथ हुई थी। नंदू विदेश में नौकरी करता है। इसी वजह से अंजू के परिवार वालों ने इस शादी में लाखों रुपये खर्च किए और अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज भी दिया था। शादी के कुछ समय बाद नंदू विदेश चला गया। एनालिटिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री हासिल कर चुकीं अंजू भी अपने पति के पास जाने के लिए 4 सितंबर को वहां पहुंचीं।

अंजू के मुताबिक, उनके ऊपर जुल्म और मारपीट की शुरुआत 12 सितंबर से हुई। दहेज के लालच और प्रताड़ना के चलते उनके पति नंदू ने उन्हें लगातार पांच दिनों तक बेहद बेरहमी से पीटा। अंजू ने अपनी शिकायत में बताया कि उन पर बार-बार हमला किया गया। पति ने उन्हें बेल्ट, मोबाइल चार्जर, सिल-बट्टे और सिर पर प्रेशर कुकर से मारा। इसके अलावा उन्हें पेट पर लातें मारी गईं और प्राइवेट पार्ट्स पर भी हमला किया गया। हिंसा की यह हैवानियत यहीं खत्म नहीं हुई; भारत वापस भेजने से पहले पति ने अंजू के सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र (एजुकेशनल सर्टिफिकेट) भी छीन लिए, ताकि वह भविष्य में कहीं नौकरी करके अपनी आजीविका न कमा सके।

इस भयानक यातना को सहने के बाद अंजू 30 सितंबर को केरल वापस लौटीं। भारत आते ही उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और इलाज के लिए कोल्लम जिला जनरल अस्पताल में भर्ती हुईं। मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि अंजू के शरीर पर लगभग 30 स्थानों पर गंभीर चोटों के निशान हैं और कई जगहों पर अंदरूनी खून के थक्के जमे हुए हैं। अंजू ने बताया कि उनके शरीर के दो बड़े घावों पर टांके लगाने की सख्त जरूरत थी, लेकिन डॉक्टरों ने टांके लगाने से मना कर दिया क्योंकि चोटें काफी पुरानी हो चुकी थीं।

इसी दौरान सोशल मीडिया पर अंजू की एक तस्वीर और दर्दभरी पोस्ट तेजी से वायरल हो गई। इस तस्वीर में अंजू की पीठ, कंधों, बाहों के ऊपरी हिस्से और कमर के पास चोटों के गहरे निशान साफ दिखाई दे रहे थे। उनकी पीठ की चमड़ी पर लंबे, लाल रंग के घाव और छिले हुए निशान दरिंदगी की गवाही दे रहे थे। इस तस्वीर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और दहेज प्रथा तथा महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को खत्म करने की मांग जोर पकड़ने लगी।

इस घटना की जानकारी मिलने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णा ने तुरंत संज्ञान लिया। जब मंत्री गुजरात में थीं, तब उन्होंने फोन पर अंजू से बात करके पूरे घटनाक्रम और प्रताड़ना की जानकारी ली। उन्होंने अंजू को पूरी कानूनी मदद और सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कानून के मुताबिक आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंगलवार को मंत्री बिंदु कृष्णा खुद कोल्लम जिला जनरल अस्पताल पहुंचीं और वहां भर्ती अंजू से मुलाकात की।

अंजू की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति नंदू के साथ-साथ उसके ससुर दिनेश और सास जगदम्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है। राज्य की मंत्री बिंदु कृष्णा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को विदेश से वापस भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, इतनी हैवानियत सहने के बाद भी अंजू ने पूरी हिम्मत दिखाई है और साफ कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, वे अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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