देश और दुनिया में व्यापक रूप से चर्चित हुए मेरठ के नीले ड्रम हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा II ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी यानी मृत्युदंड की सजा सुनाई है। जैसे ही अदालत ने सजा का यह बड़ा ऐलान किया, कटघरे में खड़े मुस्कान और साहिल फूट-फूटकर रोने लगे। वहीं दूसरी ओर, इस फैसले के आते ही कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद वकीलों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया और न्याय मिलने पर संतोष जताया।

इस बहुचर्चित मामले में सजा सुनाते हुए जज अरविंद कुमार मिश्रा II ने बहुत ही सख्त और स्पष्ट टिप्पणी की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अधर्म के काम पर सजा देना ही धर्म होता है। जज ने आगे कहा कि मुस्कान और साहिल आप दोनों ने सौरभ राजपूत की बेहद नृशंस हत्या की है, जिसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जा सकता है। उन्होंने साफ तौर पर यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की माफी स्वीकार नहीं की जाएगी, जिसके चलते आप दोनों को मृत्युदंड दिया जाता है। ज्ञात हो कि मेरठ के ब्रह्मापुरी मोहल्ले के रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी, और इस मामले में लगभग डेढ़ साल तक लंबी अदालती सुनवाई चली जिसके बाद यह अंतिम फैसला आया है।

इस महत्वपूर्ण फैसले को सुनाने वाले जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा II मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के तहत बीए, एलएलबी और एलएलएम की डिग्रियां प्राप्त की हैं। अपने न्यायिक करियर की बात करें तो उन्होंने 31 मई 2003 को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में कार्यभार संभालते हुए अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने 23 साल के लंबे और निष्ठावान करियर के दौरान वह गोरखपुर, मिर्जापुर, कानपुर, अलीगढ़ और गाजीपुर जैसे विभिन्न जिलों की अदालतों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद उन्होंने 21 मई 2026 को मेरठ जिला अदालत में अपनी जॉइनिंग दी थी, जहां उन्होंने इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई पूरी की।

इस पूरे प्रकरण से जुड़ी एक और अहम बात सामने आई है कि मेरठ के इतिहास में यह पहला ऐसा मामला बताया जा रहा है जहां किसी महिला कैदी को फांसी की सजा सुनाई गई है। अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों, मुस्कान और साहिल को जेल की विशेष बैरक में स्थानांतरित कर दिया गया है। अब तक वे सामान्य कपड़े पहनते थे, लेकिन जेल के नियमों के अनुसार अब मुस्‍कान को क्रीम कलर की साड़ी या सूट और साहिल को सफेद रंग का कुर्ता और पैजामा पहनना होगा।

इसके अलावा अदालत ने दोषियों पर भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। इस मामले की जानकारी देते हुए वकील कृष्ण कुमार दुबे ने बताया कि अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और धारा 238ए के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है, जिससे कुल जुर्माना 70 हजार रुपये हो जाता है। फैसले वाले दिन जब अदालत की कार्यवाही शुरू होने वाली थी, तब अदालत के बाहर वकीलों और आम जनता की भारी भीड़ जुट चुकी थी क्योंकि हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक था कि इस चर्चित हत्याकांड में अदालत क्या फैसला सुनाएगी।


Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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