जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी कहर, राजौरी-पुंछ में बाढ़ और भूस्खलन से 14+ मौतें, कई लापता|
भारी बारिश और भूस्खलन से जम्मू-कश्मीर में तबाही, 14 की मौत, कई लापता, बचाव कार्य जारी।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में भारी बारिश और बाढ़ के कारण नदी किनारे क्षतिग्रस्त हुए मकान।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 14 से अधिक लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य के लापता होने की सूचना है। पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के बुफलियाज़ इलाके के लोअर मुर्राह में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सुरनकोट के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद यूसुफ चौधरी ने पुष्टि की है कि अब तक 8 शव बरामद किए जा चुके हैं, और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
इस आपदा में मारे गए लोगों में नूर सफिया, सज्जाद अहमद, हकनवाज़ अहमद, शाहनवाज़ अहमद, खालिदा कौसर, सोफियान, बानो बी और मोहम्मद अकरम की पहचान हो चुकी है। प्राकृतिक आपदा के कारण पुंछ जिले के कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और मोबाइल नेटवर्क सेवाएं भी बाधित हुई हैं। प्रभावित इलाकों में पुलिस, नागरिक प्रशासन और स्थानीय निवासियों द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है। पुंछ की पुलस्त्य नदी में आई बाढ़ ने दुकानों और आटा चक्की के साथ-साथ कई वाहनों को भी बहा दिया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। दिल्ली का दौरा बीच में ही समाप्त कर मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर पहुंच गए हैं और स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं। भारतीय सेना की 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के साथ मिलकर राजौरी जिले के विभिन्न हिस्सों से 11 नागरिकों को सुरक्षित बचाया है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजौरी की नदियां, जिनमें दरहाली, खंडली, सुक्तोह और जमोला शामिल हैं, खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। रामबन जिले में भी चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने लोगों को नदी तटों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
