जालंधर। पंजाब के जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) कैंप के समीप हुए आईईडी (IED) विस्फोट मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस हमले को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसकी पहचान पंजाब के ही एक स्थानीय निवासी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने जिस कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का खुलासा किया है, उसने जांच अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया है। आरोपी ने विस्फोटक को सक्रिय करने के लिए पारंपरिक रिमोट के बजाय मोबाइल संचार तकनीक का सहारा लिया था।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने आईईडी के भीतर अपना ही एक सक्रिय सिम कार्ड लगाया था। घटना के समय आरोपी ने एक निश्चित दूरी से उस सिम कार्ड वाले नंबर पर फोन किया। जैसे ही कॉल कनेक्ट हुई, डिवाइस में लगा डेटोनेटर सक्रिय हो गया और एक जोरदार धमाका हुआ। हालांकि, आरोपी की यही 'स्मार्ट' तकनीक उसके पकड़े जाने का सबसे बड़ा कारण भी बनी। तकनीकी सर्विलांस और डंप डेटा के विश्लेषण के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां उस सिम कार्ड तक पहुंचने में सफल रहीं, जिसके बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे दबोच लिया गया।

इस पूरे प्रकरण के तार सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड शहजाद भट्टी है, जो पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी साजिश पाकिस्तानी धरती पर रची गई थी और स्थानीय स्तर पर माहौल बिगाड़ने के लिए आरोपी को मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक की खेप आरोपी तक कैसे पहुंची। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि बॉर्डर इलाके में सक्रिय किसी स्थानीय ड्रग या हथियार तस्कर ने विस्फोटक उपलब्ध कराए थे। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसे विस्फोटक सामग्री सीमावर्ती क्षेत्र के किसी अज्ञात व्यक्ति ने दी थी। अब एजेंसियों का अगला लक्ष्य उस 'सप्लायर' को चिन्हित करना है जिसने लॉजिस्टिक मदद पहुंचाई। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमावर्ती सुरक्षा प्रतिष्ठानों की निगरानी में सेंध लगाने का प्रयास था।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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