छात्रों के समर्थन में उतरे विधायक जयराम महतो, जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार के विरोध में रखा निर्जला उपवास|
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने पुराने विधानसभा परिसर पहुंचे विधायक जयराम महतो।

झारखंड विधानसभा परिसर में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जयराम महतो का निर्जला उपवास|
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो और विधायक जयराम महतो रविवार को रांची के पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास पर बैठ गए हैं। उनका यह उपवास छात्रों की मांगों के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए है। विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द से जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आगामी 10 अगस्त को होने वाले विधानसभा मार्च में वह खुद भी पूरी ताकत के साथ शामिल होंगे।
छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन अब अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करना तथा इसकी उच्चस्तरीय सीबीआई जांच करवाना शामिल है। छात्रों का कहना है कि इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस बीच, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत रविवार तड़के अचानक काफी बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें सलाईन चढ़ाकर चिकित्सीय सहायता दी जा रही है। आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए रविवार दोपहर को सरकार के चार मंत्रियों के साथ प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की तीसरे दौर की महत्वपूर्ण बैठक होनी तय हुई है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक के बाद कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
आंदोलन से जुड़े छात्र प्रतिनिधि विपिन कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि आज होने वाली इस उच्चस्तरीय वार्ता के लिए संगठन के सात सदस्य सरकार के समक्ष अपनी बात रखने जाएंगे। छात्रों का रुख साफ है कि वे अपनी मांगों पर पूरी तरह से अडिग हैं और जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मान ली जातीं, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। यदि आज की इस तीसरे दौर की वार्ता में सरकार की ओर से कोई ठोस सकारात्मक निर्णय या आधिकारिक नोटिस नहीं आता है, तो तय कार्यक्रम के अनुसार 10 अगस्त को छात्र और उनके समर्थक झारखंड विधानसभा का पुरजोर घेराव करेंगे। विधायक जयराम महतो के इस निर्जला उपवास और आंदोलन में सीधी भागीदारी से इस छात्र संघर्ष को एक नया और बड़ा राजनीतिक समर्थन मिल गया है। अब सभी की निगाहें सरकार और छात्रों के बीच होने वाली इस निर्णायक बातचीत पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आने वाले समय में यह छात्र आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

Lalita Rajput
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