जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसे में 9 की मौत। चश्मदीद संगीता कोरी ने बयां किया खौफनाक मंजर; लापरवाही और क्षमता से अधिक सवारी का आरोप। जांच के आदेश, रेस्क्यू जारी।

Jabalpur Bargi Dam accident : मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम की लहरों के बीच शुक्रवार की सुबह मौत का सन्नाटा पसरा रहा। गुरुवार शाम हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। एनडीआरएफ और बचाव दल ने शुक्रवार (1 मई) की सुबह पांच और शवों को पानी से बाहर निकाला, जिसके बाद घटनास्थल पर मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा। खुशियां मनाने आए परिवारों के लिए यह सैर एक कभी न भूलने वाले जख्म में तब्दील हो गई है। प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और क्रूज संचालकों की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खौफनाक मंजर : जब लहरों के बीच मची चीख-पुकार

दिल्ली से जबलपुर घूमने आईं चश्मदीद संगीता कोरी ने उस भयावह शाम की आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनका 6 लोगों का परिवार शाम 4 बजे बरगी डैम में क्रूज की सैर के लिए निकला था। शाम करीब 6 बजे जब क्रूज वापस लौट रहा था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी चलने लगी। संगीता के अनुसार, लहरें इतनी ऊंची थीं कि क्रूज के भीतर पानी भरने लगा। इस संकट की घड़ी में भी क्रूज स्टाफ ने यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं पहनाए थे। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी, तब आनन-फानन में जैकेट बांटे गए, जिससे यात्रियों के बीच छीना-झपटी मच गई। इसी अफरा-तफरी और असंतुलन के बीच क्रूज पानी में पलट गया।

लापरवाही की इंतहा : चश्मदीदों के गंभीर आरोप

हादसे में जीवित बची संगीता ने क्रूज मालिकों और पायलट पर सीधा हमला बोलते हुए इसे 'सिर्फ कमाई का जरिया' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रूज की क्षमता से अधिक लोग सवार थे—30 वयस्कों के अलावा 10 से 12 बच्चे भी मौजूद थे। संगीता के मुताबिक, "पायलट ने गांव वालों की चेतावनी को अनसुना कर दिया। अगर वह क्रूज को समय रहते मोड़ लेता या रोक देता, तो शायद आज मेरा परिवार सुरक्षित होता।" उन्होंने यह भी बताया कि उनके भाई ने खुद स्टोर रूम का दरवाजा तोड़कर जैकेट निकाले और लोगों को दिए, क्योंकि क्रूज के कर्मचारियों की ओर से कोई सक्रिय मदद नहीं मिल रही थी। फिलहाल लापता लोगों में मैरिना और प्रशांत की तलाश जारी है, जबकि परिवार की एक महिला सदस्य की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है।

सरकारी रुख : जांच और कार्रवाई का आश्वासन

हादसे की खबर मिलते ही मध्य प्रदेश के मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने इसे एक हृदयविदारक घटना बताया। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य गुरुवार शाम को ही युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया था। मंत्री ने स्वीकार किया कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों और उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना के कारणों की तह तक जाने के लिए एक गहन उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि पर्यटन स्थलों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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