चीखों में बदली सैलानियों की मस्ती: बरगी डैम की लहरों में समाया पर्यटकों का क्रूज, मातम में बदली छुट्टियां।
बरगी बांध के बैकवाटर में 30 सैलानियों से भरी नाव पलटी, एसडीईआरएफ और एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।

जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटे एसडीईआरएफ के गोताखोर और स्थानीय प्रशासन।
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध के बैकवाटर में गुरुवार दोपहर एक बड़ा जल हादसा हो गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पर्यटकों से खचाखच भरा एक क्रूज अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गया। प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस क्रूज पर लगभग 30 पर्यटक सवार थे, जो नर्मदा के शांत जल का आनंद लेने निकले थे। देखते ही देखते खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। अब तक इस हृदय विदारक घटना में 6 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और एसडीईआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब क्रूज अपनी निर्धारित सीमा से काफी आगे निकल चुका था। अचानक आए तेज हवा के झोंके या तकनीकी खराबी के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ झुकने लगा। देखते ही देखते पानी क्रूज के भीतर भरने लगा और वह डूब गया। नाव पर सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और लहरों के वेग के कारण बचाव कार्य में काफी बाधाएं आईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया है। बरामद किए गए 6 शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल होने की सूचना है। लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बांध के किनारे अपने प्रियजनों की कुशलता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने बचाव अभियान के लिए आधुनिक मशीनों और लाइट्स का इंतजाम किया है ताकि रात के समय भी तलाशी अभियान जारी रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस हादसे ने जल पर्यटन की सुरक्षा ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे? क्या सभी पर्यटकों को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई थी? इन सवालों के जवाब अब जांच का विषय हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पर्यटन स्थल पर सुरक्षा मानकों की अक्सर अनदेखी की जाती है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे बड़े हादसे होते हैं। फिलहाल, प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने की है। यह घटना भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि पर्यटन के नाम पर सुरक्षा से समझौता जानलेवा साबित हो सकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
