उत्तर कोरियाई दूतावास पर इजरायली मिसाइल का हमला; किम जोंग उन की 'धमकी' ने हिलाया सोशल मीडिया
क्या इजराइल ने तेहरान में उत्तर कोरियाई दूतावास पर मिसाइल हमला किया? किम जोंग उन के वायरल बयान और सोशल मीडिया दावों का पूरा सच, जानें इस फैक्ट-चेक रिपोर्ट में।

North Korean embassy
Tehran North Korea Embassy Missile Strike Rumors : मध्य पूर्व में जारी इजराइल और ईरान के भीषण संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी खबर ने वैश्विक हड़कंप मचा दिया, जिसने तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाओं को हवा दे दी। एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया गया कि इजरायली मिसाइलों ने तेहरान स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास को निशाना बनाया है। इस दावे के साथ उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन का एक कथित बयान भी जोड़ा गया, जिसमें उन्होंने इजराइल को 'बड़ी गलती' करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, गहन जांच और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के विश्लेषण के बाद इस सनसनीखेज खबर की सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई है।
भ्रामक दावों का मायाजाल और किम जोंग उन की 'कथित' चेतावनी :
सोशल मीडिया पर वायरल हुई अपुष्ट रिपोर्टों में यह प्रचारित किया गया कि ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित उत्तर कोरिया के राजनयिक परिसर पर इजराइल ने हमला किया है। इन दावों को बल देने के लिए किम जोंग उन के हवाले से एक बयान साझा किया गया जिसमें कहा गया, "इजराइल ने बहुत बड़ी गलती की है।" यह खबर तब और तेजी से फैली जब इसे ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष से जोड़कर देखा जाने लगा। गौरतलब है कि हालिया संघर्ष में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद तीनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है और बुनियादी ढांचों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
तथ्य जांच: क्या वाकई हुआ कोई हमला ?
जब इस घटना की आधिकारिक स्तर पर जांच की गई, तो दावों के विपरीत कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला। रायटर्स, एनके न्यूज, केसीएनए और अल जजीरा जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने तेहरान में उत्तर कोरियाई दूतावास पर किसी भी हमले की पुष्टि नहीं की है। एआई-चैटबॉट ग्रोक और अन्य स्वतंत्र फैक्ट-चेकर्स ने भी स्पष्ट किया है कि यह केवल एक 'अपुष्ट अफवाह' है। विशेषज्ञ इसे युद्ध के दौरान सूचनाओं के हेरफेर (Information Warfare) का एक हिस्सा मान रहे हैं, जिसका उद्देश्य वैश्विक तनाव को और अधिक भड़काना हो सकता है।
ईरान-इजराइल संघर्ष पर उत्तर कोरिया का आधिकारिक रुख :
यद्यपि हमले की खबर झूठी निकली, लेकिन उत्तर कोरिया ने ईरान के प्रति अपनी संवेदना और समर्थन स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। प्योंगयांग ने आधिकारिक तौर पर निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से अपनी स्थिति स्पष्ट की है:
- नेतृत्व का समर्थन : उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय ने मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया नेता चुने जाने के ईरानी विशेषज्ञों की सभा के फैसले का सम्मान किया और अपना पूर्ण समर्थन दिया।
- सैन्य हमले की निंदा : केसीएनए (KCNA) के माध्यम से जारी बयान में उत्तर कोरिया ने अमेरिका और इजराइल की 'अवैध आक्रामकता' की कड़ी आलोचना की है।
- क्षेत्रीय अस्थिरता : उत्तर कोरिया ने इजरायली हमलों को अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में अस्थिरता बढ़ाने वाला और क्षेत्रीय शांति की नींव को कमजोर करने वाला कृत्य बताया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
