क्या BJP और EC में है साठगांठ? मुहर लगे वायरल लेटर ने मचाया सियासी कोहराम
केरल चुनाव कार्यालय की बड़ी चूक! भाजपा की मुहर लगा ईसीआई पत्र साझा होने पर मचा बवाल। एक अधिकारी निलंबित, विपक्ष ने लगाए पक्षपात के आरोप। पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

Kerala CEO ECI Letter Controversy
Kerala CEO ECI Letter Controversy : केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय में हुई एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। चुनावी तैयारियों के बीच, सीईओ कार्यालय द्वारा गलती से चुनाव आयोग (ECI) का एक पुराना पत्र साझा कर दिया गया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई की मुहर लगी हुई थी। इस घटना ने न केवल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि विपक्षी दलों को सरकार और आयोग पर हमला करने का एक बड़ा हथियार भी दे दिया है।
लिपिकीय त्रुटि या बड़ी लापरवाही ?
यह पूरा मामला उम्मीदवारों के आपराधिक विवरणों के खुलासे से संबंधित वर्ष 2019 के एक ईसीआई पत्र से जुड़ा है। दरअसल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कर्मचारियों ने अनजाने में उस पत्र की फोटोकॉपी का उपयोग कर लिया, जिसे भाजपा की केरल इकाई द्वारा पहले ही फोटोकॉपी किया गया था और जिस पर पार्टी की मुहर (Seal) अंकित थी। कार्यालय के कर्मचारी इस महत्वपूर्ण विवरण को पहचानने में विफल रहे और उसी पत्र को अन्य राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों को भेज दिया गया। जैसे ही यह त्रुटि सामने आई, हड़कंप मच गया और 21 मार्च को आनन-फानन में इस पत्र को वापस ले लिया गया।
प्रशासनिक स्तर पर हुई इस चूक के गंभीर परिणाम भी देखने को मिले हैं:
- निलंबन : इस मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में एक संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- स्पष्टीकरण : चुनाव कार्यालय ने इसे 'लिपिकीय त्रुटि' (Clerical Mistake) करार देते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल एक निरीक्षण की कमी थी।
- संशोधन : कार्यालय द्वारा अब अद्यतन (Updated) दिशा-निर्देश साझा किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
𝐀 𝐁𝐉𝐏 𝐬𝐞𝐚𝐥 𝐨𝐧 𝐚𝐧 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐥𝐞𝐭𝐭𝐞𝐫!
— Congress (@INCIndia) March 23, 2026
A letter sent by the Election Commission to political parties carried the seal of the BJP Kerala unit instead of the Election Commission’s seal.
Let that sink in.
Not a mistake, but a serious red… pic.twitter.com/eXSqartMLH
राजनीतिक घमासान और कानूनी कार्रवाई :
इस घटना के सार्वजनिक होते ही विपक्षी दलों—कांग्रेस और माकपा (CPI-M)—ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और इसे पक्षपात का संकेत बताया। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव मशीनरी और सत्ताधारी दल के बीच सांठगांठ है। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे 'फेक न्यूज' के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की। इस बीच, पुलिस ने उन सोशल मीडिया पोस्टों पर नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है जो इस घटना को भ्रामक तरीके से पेश कर रहे थे, हालांकि समाचार रिपोर्टों ने सीईओ के उस स्पष्टीकरण की पुष्टि की है जिसमें इसे चुनावी तैयारियों के भारी दबाव के बीच हुई एक मानवीय भूल बताया गया है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
