होर्मुज पर ईरान का बड़ा संदेश-"ट्रंप नहीं, हम और ओमान करेंगे फैसला"; साथ ही भारत को बताया 'मानवता की धरती'
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने भारत के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। ईरानी दूतावास ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह उनके नियंत्रण में है और इसका फैसला केवल ईरान और ओमान करेंगे।

Iran's big message on Hormuz
नई दिल्ली/तेहरान, 2 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में छिड़े भीषण युद्ध को आज 34 दिन बीत चुके हैं। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान ने भारत के लिए एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसके क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और भारत को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही, ईरान ने सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ा जवाब दिया है।
"भारतीय मित्र सुरक्षित हैं": ईरानी दूतावास का भरोसा
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए भारतीयों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय दूतावास ने लिखा, "हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं। चिंता की कोई बात नहीं है।"
दिलचस्प बात यह है कि इस संदेश के साथ ईरान ने आत्मविश्वास दर्शाने वाली इमोजी का भी इस्तेमाल किया है। वर्तमान में ईरान और फारस की खाड़ी के देशों में लाखों भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं, जिनकी सुरक्षा भारत सरकार के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। ऐसे में ईरान का यह बयान कूटनीतिक रूप से बहुत मायने रखता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा रुख
ईरान ने वैश्विक व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और 'इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) ने साफ कर दिया है कि इस समुद्री रास्ते का भविष्य केवल ईरान और ओमान ही तय करेंगे।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरानी नेतृत्व संघर्ष विराम (Ceasefire) के लिए गिड़गिड़ा रहा है। IRGC के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य 'दृढ़ता और प्रभुत्व' के साथ ईरानी नौ सैनिकों के नियंत्रण में है और इसे किसी भी बाहरी दबाव या समझौते के तहत दुश्मनों के लिए नहीं खोला जाएगा।
भारत को बताया 'मानवता की धरती'
ईरान और भारत के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को रेखांकित करते हुए, भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत की जमकर तारीफ की है। लखनऊ में एक शोक सभा के दौरान उन्होंने भारत को 'निष्ठा, मानवता और नैतिकता की धरती' करार दिया।
उन्होंने दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए भारतीय जनता का आभार व्यक्त किया। यह बयान दर्शाता है कि युद्ध के इस दौर में भी ईरान भारत को एक विश्वसनीय और नैतिक शक्ति के रूप में देखता है।
होर्मुज का महत्व और वैश्विक चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के कच्चे तेल की आपूर्ति का मुख्य केंद्र है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि ईरान इस रास्ते को बंद करता है या इस पर नियंत्रण कड़ा करता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। ईरान का यह कहना कि इसका फैसला केवल वह और ओमान करेंगे, सीधे तौर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों को चुनौती देने जैसा है।
ईरान का रुख स्पष्ट है—वह अपनी संप्रभुता के साथ समझौता नहीं करेगा, लेकिन भारत जैसे देशों के साथ अपनी ऐतिहासिक दोस्ती को प्राथमिकता देगा। फिलहाल, खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए यह बयान एक बड़ी राहत लेकर आया है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
