इजरायल के कई शहरों में गूंजे सायरन, ईरान के मिसाइल अटैक के बाद युद्धविराम समझौता पूरी तरह ध्वस्त|
बेरूत में हिज्बुल्लाह पर हमले के बाद भड़का मध्य पूर्व संकट, इजरायल ने ईरान के कई शहरों में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना।

एक कोलाज में इजरायली पीएम नेतन्याहू (बाएं), यमन के सैन्य प्रवक्ता (दाएं) और तेल अवीव का सक्रिय एयर डिफेंस सिस्टम।
तेल अवीव: मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली हमलों के बाद, ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों ने मिलकर इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीती रात से लेकर सुबह तक इजरायल के विभिन्न रिहायशी और सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने हमलों की पुष्टि करते हुए देश भर में हाई अलर्ट जारी किया है। इस अचानक बढ़े सैन्य टकराव के कारण इस वर्ष ८ अप्रैल से प्रभावी हुआ युद्धविराम समझौता पूरी तरह से खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है।
हमलों की शुरुआत सोमवार तड़के यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलों से हुई, जिसके ठीक बाद ईरान ने भी अपनी मुख्य भूमि से इजरायल की तरफ तीव्र गति वाली बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। इन हमलों के कारण इजरायल के प्रमुख शहरों, गुश डैन क्षेत्र, शेफेलाह और लाचिश में हवाई हमले के सायरन गूंज उठे। आईडीएफ के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीधे मोबाइल फोन पर आपातकालीन निर्देश जारी किए, जिसमें लोगों को अगले आदेश तक अनिवार्य रूप से बंकरों और सुरक्षित आश्रयों में रहने को कहा गया था। हालांकि, इजरायली वायु सेना की वायु रक्षा प्रणालियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए यमन और ईरान से आई अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे भूमि पर जानमाल का कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
इस बड़े हमले के जवाब में इजरायली वायु सेना ने भी त्वरित सैन्य कार्रवाई की है। कूटनीतिक और सैन्य खुफिया इनपुट के आधार पर इजरायली लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी और मध्य ईरान में स्थित कई सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से पुष्टि की है कि तेहरान, तबरीज़, इस्फ़हान और इराक सीमा के पास स्थित कराज शहर में सिलसिलेवार तेज धमाके सुने गए हैं। इजरायल का दावा है कि ये हवाई हमले उन मिसाइल लॉन्च साइटों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचों पर किए गए हैं, जिनका उपयोग इजरायली नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था। अमेरिका में इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने इस जवाबी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि कोई भी स्वाभिमानी संप्रभु राष्ट्र अपनी मुख्य भूमि पर ऐसे मिसाइल हमलों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
इस नए सैन्य संकट ने वैश्विक शक्तियों को भी सतर्क कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जॉर्डन के हवाई क्षेत्र में कई मिसाइलों और ड्रोनों के गुजरने के संकेत मिलने की बात कही है, जिसके तुरंत बाद जॉर्डन स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी कर उन्हें सुरक्षित ठिकानों के पास रहने की हिदायत दी है। इजरायल की मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सेवा के अनुसार, इन हमलों में किसी भी नागरिक के सीधे घायल होने की खबर नहीं है, केवल एक व्यक्ति को सुरक्षित आश्रय की ओर भागते समय गिरने के कारण चोटें आई हैं। फिलहाल आईडीएफ ने ताजा खतरे को टला हुआ घोषित कर नागरिकों को बंकरों से बाहर आने की अनुमति दे दी है, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र को एक बार फिर बड़े युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

Lalita Rajput
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