आखिर क्यों ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत को दी हमले की सीधी चेतावनी ? जाने क्या है मुख्य मकसद ?
ईरान ने 60 सेकंड का वीडियो जारी कर अमेरिकी युद्धपोत को दी हमले की चेतावनी। हॉर्मुज में बढ़ा युद्ध का खतरा और ट्रंप का कड़ा जवाब, पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत (बाएं) और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं)
IRGC vs US Navy Strait of Hormuz : जिस दिन दुनिया मध्यस्थता के जरिए शांति की उम्मीद कर रही थी, उसी दिन खाड़ी के देशों से उठते धुएं ने वैश्विक तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। शांति वार्ता के विफल होते ही ईरान ने एक ऐसा सनसनीखेज फुटेज जारी किया है, जिसने युद्ध की चिंगारी को हवा दे दी है। सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहे इस 60 सेकंड के वीडियो में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना खुलेआम अमेरिकी युद्धपोत को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से हटने की चेतावनी दे रही है। यह वीडियो उस वक्त सामने आया है जब ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अमेरिका को हिंद महासागर की ओर पीछे हटने पर मजबूर कर रहा है।
ईरान के कई दूतावासों द्वारा प्रसारित इस फुटेज की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें स्पष्ट रूप से 'अंतिम चेतावनी' शब्द को बार-बार दोहराया गया है। वीडियो में ईरानी कमांडर अमेरिकी युद्धपोत 121 को संबोधित करते हुए कहता है कि यह सेपाह नौसेना का क्षेत्र है और यदि तुरंत रास्ता नहीं बदला गया, तो उसे सीधे हमले का निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी युद्धपोत की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए मार्ग न बदलने की बात कही गई, लेकिन ईरान ने इसे अनसुना करते हुए ओमान सागर में मौजूद सभी जहाजों को निर्देश दे दिया है कि वे अमेरिकी युद्धपोतों से 10 किलोमीटर की दूरी बनाए रखें। ईरानी नौसेना ने बिना किसी पूर्व सूचना के गोली चलाने की सीधी घोषणा कर दी है, जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में सीधे युद्ध का संकेत माना जा रहा है।
इस तनाव के बीच पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोर्चा संभालते हुए ईरान के इन दावों को चुनौती दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज में बारूदी सुरंगें हटाने का ऑपरेशन चला रही है और किसी भी अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं करेगी। गौरतलब है कि ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले चुनिंदा जहाजों से कथित तौर पर 2 मिलियन डॉलर के 'टोल' की योजना बना रहा है, जिसे ट्रंप ने 'गैर-जरूरी वसूली' करार दिया है। ट्रंप का यह बयान परमाणु वार्ता की विफलता के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका सही समय पर ईरान के आक्रामक रवैये को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
WATCH: Iran has released footage of yesterday’s IRGC Navy confrontation with US destroyers in the Strait of Hormuz, ordering the US ships to “alter course and go back to the Indian Ocean immediately” or be “targeted,” and issuing a “last warning” before threatening to open fire.… pic.twitter.com/Ghs8hVb7hV
— The Hormuz Letter (@HormuzLetter) April 12, 2026
वर्तमान स्थिति ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक व्यापार मार्ग पर भी संकट के बादल मंडरा दिए हैं। ईरान द्वारा हॉर्मुज मार्ग को प्रभावी रूप से बंद करने की कोशिश और अमेरिका की ओर से वहां अपनी 'बेहतरीन नौसेना' की तैनाती ने इस पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर में तब्दील कर दिया है। परमाणु समझौते पर असहमति और समुद्र में आमने-सामने की यह जंग अब कूटनीतिक सीमाओं को लांघती नजर आ रही है। यदि इस गतिरोध का जल्द समाधान नहीं निकला, तो दुनिया हॉर्मुज के मुहाने पर एक ऐसे महायुद्ध की गवाह बन सकती है, जिसकी आंच पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को झुलसा देगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
