Iran US Conflict : माफी या तबाही का संकेत? Trump के 'विक्ट्री' कमेंट से Iran में कोहराम
ईरानी राष्ट्रपति की माफी पर ट्रंप का 'जीत' वाला दावा और ईरान की खाड़ी देशों को भीषण चेतावनी। दुबई और दोहा में धमाकों के बीच क्या शुरू होगा महायुद्ध? पूरी रिपोर्ट।

Iran-US Conflict 2026
Iran US Conflict 2026 : मिडिल ईस्ट की धरती एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ी नजर आ रही है। शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान द्वारा पड़ोसी खाड़ी देशों से मांगी गई माफी और उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया ने क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। जहाँ एक ओर ट्रंप इसे अमेरिका और इजरायल की ऐतिहासिक जीत और ईरान का 'आत्मसमर्पण' करार दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तेहरान ने इसे सिरे से खारिज करते हुए पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरानी संप्रभुता के खिलाफ हुआ, तो परिणाम भयावह होंगे।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति पेजेशकियान ने खाड़ी देशों को 'भाई' बताते हुए हमलों के लिए माफी मांगी और अपनी सशस्त्र सेनाओं को निर्देश दिया कि वे पड़ोसी देशों पर तब तक मिसाइलें न दाग़ें जब तक कि वहां से कोई हमला न हो। पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्ट किया कि ईरान अच्छे पड़ोसी धर्म का पालन करना चाहता है, लेकिन यह अमेरिका और इजरायल के सैन्य आक्रमण के खिलाफ आत्मरक्षा के उसके अंतर्निहित अधिकार को कम नहीं करता है। हालांकि, ईरान के उदारवादी रुख के तुरंत बाद कट्टरपंथी न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई ने तेवर कड़े करते हुए कहा कि उन ठिकानों पर भारी हमले जारी रहेंगे जिनका इस्तेमाल दुश्मन (अमेरिका) ईरान के खिलाफ आक्रामकता के लिए कर रहा है।
ईरानी बयानबाजी के कुछ ही घंटों के भीतर संयुक्त अरब अमीरात के दुबई, कतर के दोहा और बहरीन के मनामा में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गईं। माना जा रहा है कि ईरान उन अमेरिकी एयरबेस को निशाना बना रहा है जो इन देशों में स्थित हैं। इस सैन्य हलचल के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक सनसनीखेज पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान बुरी तरह पीटा जा चुका है और उसने घुटने टेक दिए हैं। ट्रंप ने ईरान को 'मिडिल ईस्ट का हारा हुआ देश' बताते हुए चेतावनी दी कि शनिवार, 7 मार्च की रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा और उन क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जाएगा जो अब तक सुरक्षित थे।
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्रंप के दावों पर पलटवार करते हुए कहा है कि ईरान कभी किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अमेरिकी ठिकानों से होने वाली किसी भी आक्रामकता का 'निर्णायक जवाब' दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति यह है कि एक ओर कूटनीतिक माफी के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है, तो दूसरी ओर सैन्य धमाके और ट्रंप की सीधी धमकियां एक पूर्ण विकसित युद्ध की ओर इशारा कर रही हैं। खाड़ी देशों के लिए यह स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई है, क्योंकि वे अमेरिका और ईरान के इस महासंग्राम के बीच सीधे निशाने पर आ गए हैं।
घटनाक्रम के मुख्य बिंदु :
- राष्ट्रपति का संदेश: मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी और हमलों को रोकने का निर्देश दिया।
- ट्रंप का दावा: अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे 'ईरान का आत्मसमर्पण' बताया और भारी सैन्य कार्रवाई की धमकी दी।
- सैन्य हलचल: दुबई, दोहा और मनामा में संदिग्ध धमाके; अमेरिकी एयरबेस पर ईरान की नजर।
- ईरान की चेतावनी: न्यायपालिका प्रमुख ने उन पड़ोसियों को निशाना बनाने की बात कही जो दुश्मनों को सैन्य सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
