Insta-FB पर अब नहीं चलेंगे अश्लील वीडियो; जानें क्या है Meta का 'Teen Accounts' फीचर
इंस्टाग्राम पर 18 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स के लिए सुरक्षा बढ़ाने और माता-पिता का नियंत्रण मजबूत करने के उद्देश्य से नए टीन अकाउंट्स की घोषणा की गई है।

टेक दिग्गज मेटा ने इंस्टाग्राम पर किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा और प्राइवेसी सेटिंग्स पर माता-पिता के नियंत्रण को मजबूत करने के लिए 'टीन अकाउंट्स' सुविधा की वैश्विक घोषणा की है।
Meta Teen Accounts : सोशल मीडिया की चकाचौंध और उसकी अंतहीन स्क्रॉलिंग के बीच पनप रहे खतरों से बच्चों को बचाने के लिए टेक दिग्गज मेटा (Meta) ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठा लिया है। इंस्टाग्राम पर किशोरों की सुरक्षा को लेकर उठते गंभीर सवालों के बीच, मेटा ने 'टीन अकाउंट्स' (Teen Accounts) नाम से एक क्रांतिकारी सुरक्षा कवच की घोषणा की है। डिजिटल युग में युवाओं की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने की दिशा में इसे एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। अब किशोर इंटरनेट की इस आभासी दुनिया में अपनी मर्जी से कदम नहीं भटका सकेंगे, क्योंकि मेटा ने उनके अकाउंट्स का रिमोट कंट्रोल सीधे माता-पिता के हाथों में सौंपने का पूरा मन बना लिया है।
प्राइवेसी का नया 'कड़ा पहरा': क्या है मेटा का मास्टरप्लान ?
मेटा द्वारा पेश की गई इस नई व्यवस्था के तहत 18 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं की ऑनलाइन गतिविधियों पर माता-पिता का नियंत्रण पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगा। इस नए सुरक्षा घेरे के लागू होने के बाद अभिभावक न केवल अपने बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम की समय सीमा निर्धारित कर सकेंगे, बल्कि कुछ निश्चित घंटों (जैसे पढ़ाई या सोने के समय) के दौरान ऐप तक उनकी पहुंच को पूरी तरह से ब्लॉक भी कर सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब माता-पिता इस बात पर भी पैनी नजर रख सकेंगे कि उनके बच्चे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किससे बातचीत कर रहे हैं।
शुरुआती चरण में यह "टीन अकाउंट" फीचर इंस्टाग्राम पर साइन अप करने वाले 16 साल से कम उम्र के नए यूज़र्स पर अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि, कंपनी की योजना भविष्य में इसे सभी मौजूदा टीन अकाउंट्स के लिए भी विस्तारित करने की है। इसके तहत माता-पिता को यह देखने का भी अधिकार होगा कि उनके बच्चे किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं और उनके इनबॉक्स में किसे मैसेज भेजे जा रहे हैं।
उम्र के लिहाज से तय होंगे नियम: जानिए सख्त शर्तें
मेटा ने इस नए सिस्टम को दो अलग-अलग आयु वर्गों के आधार पर बेहद चतुराई से डिजाइन किया है, जिसमें सुरक्षा और स्वतंत्रता का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है:
- 16 वर्ष से कम उम्र के किशोर: इस आयु वर्ग के लिए इंस्टाग्राम पर साइन अप करते ही डिफ़ॉल्ट रूप से सबसे सख्त प्राइवेसी सेटिंग्स लागू हो जाएंगी। यदि कोई किशोर इन सेटिंग्स को बदलने या प्रतिबंधों को हटाने का प्रयास करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से माता-पिता की अनुमति (Parental Permission) लेनी होगी। बदलाव की कोशिश करते ही पेरेंट्स के पास नोटिफिकेशन जाएगा, जिसके बाद वे अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगा सकते हैं।
- 16 से 18 वर्ष के युवा: इस आयु वर्ग के उपयोगकर्ताओं को अपनी अकाउंट सेटिंग्स को स्वतंत्र रूप से समायोजित या कस्टमाइज़ करने की छूट होगी।
वर्तमान में लागू सुरक्षा नियमों के अनुसार, वयस्कों द्वारा किशोरों को सीधे मैसेज भेजने पर तब तक रोक है जब तक वे एक-दूसरे को फॉलो न कर रहे हों। इसके साथ ही, इस नए सुरक्षा चक्र में निम्नलिखित मौजूदा फीचर्स को भी 'टीन अकाउंट' में समाहित किया जाएगा:
- संवेदनशील सामग्री फ़िल्टर (Sensitive Content Filter) : अश्लील, हिंसक या मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कंटेंट पर पूर्ण प्रतिबंध।
- फॉलोअर अप्रूवल (Follower Approval) : नए फ़ॉलोअर्स को जोड़ने के लिए किशोरों की मैन्युअल मंज़ूरी अनिवार्य।
- ऑटो-म्यूट नोटिफिकेशन : रात के समय (रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक) नोटिफिकेशन अपने आप म्यूट हो जाएंगे ताकि बच्चों की नींद प्रभावित न हो।
अंतरराष्ट्रीय दबाव या स्वैच्छिक कदम? कानूनी पहलू और वैश्विक हलचल
दिलचस्प बात यह है कि मेटा का यह बड़ा फैसला ठीक उस वक्त आया है, जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बच्चों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंच को कानूनी रूप से सीमित करने की एक बेहद सख्त योजना का खुलासा किया था। ऑस्ट्रेलिया इस साल के अंत तक सोशल मीडिया के इस्तेमाल की न्यूनतम उम्र (संभावित रूप से 14 से 16 वर्ष के बीच) तय करने के लिए कानून लाने की तैयारी में है। यदि यह कानून पारित होता है, तो ऑस्ट्रेलिया ऐसा प्रतिबंध लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा, और ब्रिटेन सहित कई अन्य विकसित देश इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
हालांकि, कानूनी दबाव की अटकलों को खारिज करते हुए मेटा ने साफ किया है कि उसका यह कदम किसी सरकारी कार्रवाई का जवाब नहीं है। मेटा की वैश्विक सुरक्षा निदेशक, एंटिगोन डेविस ने इस पर आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह निर्णय दुनिया भर में अभिभावकों की वास्तविक चिंताओं से प्रेरित एक सक्रिय (Proactive) कदम है। उन्होंने रेखांकित किया कि सोशल मीडिया आज किशोरों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, इसलिए वैश्विक स्तर पर माता-पिता इन चुनौतियों से जूझ रहे हैं। डेविस ने यह संकेत भी दिए कि इंस्टाग्राम के बाद आने वाले समय में फेसबुक पर भी इसी तरह के कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।
डिजिटल भविष्य पर इस फैसले का प्रभाव :
अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर में लागू होने जा रहा मेटा का यह कदम सोशल मीडिया के भविष्य को बदलने वाला साबित हो सकता है। यह नई व्यवस्था न केवल किशोरों को ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग और अश्लील कंटेंट से बचाएगी, बल्कि टेक कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारी को भी नए सिरे से परिभाषित करेगी। कंपनी को पूरी उम्मीद है कि ये नई सुविधाएं किशोरों की सुरक्षा और उनकी डिजिटल आजादी के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
